लखनऊ से बहराइच-गोंडा जाने वाले इस रूट का ना करें इस्तेमाल, बड़े वाहनों की आवाजाही पर है पाबंदी

सरयू नदी का संजय सेतु 42 साल पुराना है. जर्जर स्थिति में आने के बाद से ही पिछले 2से 3 सालों में इसका अस्थाई मरम्मत किया जा रहा था. लेकिन अब इसकी स्थिति और खराब हो गई. ऐसे में इस पुल पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दिया गया है.

संजय सेतु Image Credit:

घाघरा पर बने संजय सेतु की हालत जर्जर हो चुकी है. यहां से लोडेड और बड़े वाहनों के गुजरने पर पाबंदी लगा दी गई है. इस रूट पर अब हल्के वाहनों के निकलने की अनुमति है. पुल के 62 ज्वाइंटरों में से नौ खराब बताए जा रहे हैं. 5 बेहद जर्जर स्थिति में हैं. वहीं, एक तो जानलेवा स्थिति में है.

सरयू नदी का संजय सेतु 42 साल पुराना है. जर्जर स्थिति में आने के बाद से ही पिछले 2से 3 सालों में इसका अस्थाई मरम्मत किया जा रहा था. लेकिन अब इसकी स्थिति और खराब हो गई. ऐसे में पूरे तरीके से संजय सेतु की मरम्मत के लिए एनएचआई की तरफ से इसपर आवागमन बंद किया जाएगा.

पुल पर लगा दिए गए चेतावनी संबंधी बोर्ड

फिलहाल, एनएचआई की तरफ से खुले ज्वाइंटर के पास मिट्टी डाल कर भर दिया गया है. सेतु के दोनों ओर पुल कमजोर है,सुरक्षित चले का बोर्ड लगाया है. लेकिन अब कोई स्थाई मरम्मत नहीं कराई है. हालांकि, संजय सेतु के बगल में बन रहे पीपा के पुल को तैयार होने में तकरीबन 1 महीने और लगेंगे. ऐसे में गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलराम पुर, सिद्धार्थनगर सहित नेपाल बार्डर तक आने जाने वाले बड़े लोडेड वाहनों को अयोध्या सीतापुर से आना जाना पड़ेगा.

अप्रैल महीने से शुरू हो सकती है संजय सेतु की मरम्मत

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सद्दाम ने बताया है किलोक निर्माण विभाग को संजय सेतु के पास में पीपा का पुल बनाने के निर्देश दिए गए हैं.अप्रैल माह तक पांटून पुल बनाकर तैयार किया जाएगा. फिर संजय सेतु पर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा. उसके बाद संजय सेतु का मरम्मत किया जाएगा.

बाराबंकी, अयोध्या सहित आठ जिलों को जोड़ने वाला अहम मार्ग

फिलहाल, संजय सेतु के पास बहराइच जिले के जरवल रोड थाने की पुलिस उस पार रामनगर थाने की पुलिस चौकाघाट पर लगा दी गई है. लोडेड और बड़े वाहनों को संजय सेतु से होकर गुजरने से रोका जा रहा है. 1980 के दशक में बना ये पुल गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या सहित आठ जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है.