कोडीन सिरप केस में जज तक पहुंचने की कोशिश, सुनवाई से हटे; HC बोला- इतिहास का काला दिन

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोडीन कफ सिरप मामले की सुनवाई से पहले जज तक पहुंचने की कोशिश की गई. इसके बाद जस्टिस कृष्ण पहल ने खुद को केस से अलग कर लिया. उन्होंने इसे न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया. साथ ही सभी 80 संबंधित जमानत अर्जियां चीफ जस्टिस को भेज दीं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट Image Credit: फाइल फोटो

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े जमानत मामलों की सुनवाई के दौरान एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया. सुनवाई से पहले पक्षकार की ओर से जस्टिस कृष्ण पहल से संपर्क साधने की कोशिश की गई. इसके बाद जज ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. साथ ही कोर्ट ने इसे न्यायपालिका के इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया.

मामला कोडीन सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता आरोपी भोला प्रसाद की जमानत अर्जी सहित करीब 80 जमानत मामलों से जुड़ा है. अदालत ने सभी मामलों में सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रखा गया था. इसी बीच कथित रूप से पीठासीन न्यायाधीश तक सीधे पहुंच बनाने और संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया.

‘नजरअंदाज किया तो जनता का विश्वास कमजोर होगा’

जस्टिस कृष्ण पहल ने कहा कि यदि ऐसे प्रयासों को नजरअंदाज किया गया तो न्यायपालिका में जनता का विश्वास कमजोर होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि फैसला उसी पक्ष के पक्ष में आता, जिसका मामला सुनवाई के दौरान मजबूत प्रतीत हो रहा था, तो इससे यह गलत संदेश जा सकता था कि निर्णय किसी बाहरी प्रभाव में दिया गया है.

जज ने खुली कोर्ट में कहा, ‘न्यायपालिका पर असर डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’ अपने आदेश में जस्टिस पहल ने कहा, ‘यह न्यायपालिका के इतिहास का ‘ब्लैक डे’ है, न्याय होना ही नहीं, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी आवश्यक है.’ इसके बाद उन्होंने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया.

संबंधित 80 जमानत अर्जियां चीफ जस्टिस को भेज दीं

इसके साथ ही जस्टिस कृष्ण पहल ने मामले से संबंधित लगभग 80 जमानत अर्जियां आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस को भेज दीं, ताकि उन्हें किसी अन्य उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सके. अब पहले नई बेंच तय की जाएगी, उसके बाद जमानत पर फैसला होगा. सभी मामलों पर सुनवाई के लिए 7 अगस्त 2026 तारिख तय की गई है.

कोडिन सिरप केस में सबसे चौंकाने वाली बात है कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. बताया जा रहा है कि वो दुबई में बैठकर ऐश की जिंदगी जी रहा है और यहीं से सिस्टम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. ED और पुलिस जांच कर रही है, लेकिन केस की रफ्तार अब लगभग थम सी गई है.

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