लखनऊ के नेहरू इन्क्लेव में बनेगा वॉर म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर, दिखेगा भारतीय सेना का शौर्य

लखनऊ में 125 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक वॉर म्यूजियम और विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनेगा. यह परियोजना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर तैयार की गई है. इसमें भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित होगा. इसे गोमती नगर के नेहरू इन्क्लेव में बनाया जाएगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल से लखनऊ में बनेगा आधुनिक वॉर म्यूजियम

राजधानी लखनऊ को जल्द ही रक्षा विरासत, सैन्य इतिहास और आधुनिक सम्मेलन सुविधाओं का नया केंद्र मिलने जा रहा है. गोमती नगर स्थित नेहरू इन्क्लेव में सेना का अत्याधुनिक वॉर म्यूजियम और विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा. करीब 125 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है.

यह परियोजना केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने तैयार की है. LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में गुरुवार को शासन स्तर पर बैठक हुई, जिसमें प्रस्ताव पर चर्चा की गई. सेना से औपचारिक सहमति मिलने के बाद दो वर्ष के भीतर परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.

आर्मी अपने कब्जे वाली 33.97 एकड़ जमीन देगी

प्रस्ताव के अनुसार, भारतीय सेना अपने कब्जे वाली 33.97 एकड़ जमीन LDA को देगी. इसमें 12.87 एकड़ में वॉर म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जबकि 14 एकड़ क्षेत्र ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित होगा. बचे 7.10 एकड़ पर व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग के भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिससे निर्माण का खर्च निकाला जाएगा.

वॉर म्यूजियम में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित किया जाएगा. यहां प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध, 1947-48, 1962, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध के अलावा सेना के अन्य महत्वपूर्ण अभियानों को डिजिटल तकनीक, प्रोजेक्शन मैपिंग, इंटरैक्टिव डिस्प्ले और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से दिखाया जाएगा.

ओपन एयर प्रदर्शनी, 270 डिग्री इमर्सिव ऑडिटोरियम

इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट, उरी, सियाचिन, नौसेना और वायुसेना की उपलब्धियों पर भी विशेष गैलरियां बनाई जाएंगी. परियोजना में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर, 270 डिग्री इमर्सिव ऑडिटोरियम, रक्षा उपकरणों की ओपन एयर प्रदर्शनी, हेलीकॉप्टर और टैंक सिम्युलेटर, डिजिटल इंटरैक्टिव जोन तथा सैन्य स्मृति वस्तु केंद्र भी विकसित किए जाएंगे.

वॉर म्यूजियम के निर्माण के बाद इसका संचालन भी एलडीए ही करेगा. एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का मानना है कि इससे युवाओं को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी. साथ ही लखनऊ में पर्यटन, निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.

Follow Us