पुष्पराज सिंह केस: पुलिस की सुस्ती पर हाईकोर्ट नाराज; DGP को किया तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई. पिछली सुनवाई में काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं होने पर कोर्ट ने सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डीजीपी को तलब किया था. सोमवार को एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण कोर्ट में पेश हुए. जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस और सरकारी पक्ष ने अपना पक्ष रखा.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में महोबा के पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों के रवैये को लेकर कोर्ट की नाराजगी सामने आई. मामले में हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान सरकारी मशीनरी की कथित सुस्ती पर डीजीपी को तलब किया था. अब सुनवाई के दौरान एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण कोर्ट में पेश हुए. मामले की सुनवाई जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच में हुई. अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी.
काउंटर एफिडेविट दाखिल न होने पर नाराज हुआ था कोर्ट
पिछली सुनवाई 19 अगस्त को हुई थी. उस दौरान सरकारी अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि संबंधित अधिकारियों को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के लिए दो बार पत्र भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद कोई अधिकारी या संबंधित पुलिसकर्मी हलफनामा दाखिल करने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ. इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अदालत का पूरी तरह से अनादर बताया था.
‘पुलिस के रवैये से हत्या के मामलों में जमानत लंबित’
कोर्ट ने कहा था कि ऐसी स्थिति का सामना अदालत को अक्सर करना पड़ रहा है. हाईकोर्ट ने इस रवैये को गंभीरता से लेते हुए सवाल उठाया था कि पुलिस अधिकारी अदालत के आदेशों का पालन करने में आनाकानी क्यों कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि पुलिस अधिकारियों के इस रवैये के कारण हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत अर्जियां लंबे समय तक लंबित रहती हैं.
अदालत ने डीजीपी को तलब करते हुए उनसे हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा था कि पुलिस अधिकारी अदालत के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही क्यों बरत रहे हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई पर डीजीपी और महाधिवक्ता को भी पेश होने का आदेश दिया.
आज की सुनवाई में एडीजी जोन हुए पेश
इसी मामले में हुई सुनवाई के दौरान एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण अदालत में पेश हुए. कोर्ट में मामले से जुड़े पुलिस और सरकारी पक्ष की ओर से स्थिति रखी गई. वहीं, याची पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की ओर से अधिवक्ता शाल्विन ने जमानत के पक्ष में दलीलें पेश कीं. मामले में अगली सुनवाई अब 1 सितंबर को होगी.
2025 से जेल में बंद है याची
पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू के खिलाफ महोबा के श्रीनगर थाने में 2025 में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. वह 23 जून 2025 से जेल में बंद है. इसी मामले में उसने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है. जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से समय पर काउंटर एफिडेविट दाखिल न किए जाने का मुद्दा भी सामने आया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया.
