अतीक के भाई की कुर्क जमीन पर भूमाफियाओं ने की प्लाटिंग, बेच भी डाली; फाइनेंसर समेत 3 पर FIR

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से जुड़े मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क जमीन पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है. लेखपाल मनीष कुमार की तहरीर पर एयरपोर्ट थाने में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोपियों में कथित फाइनेंसर और बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम समेत मोहम्मद नसरत और मोहम्मद आफताब अहमद के नाम शामिल हैं. 22 अगस्त को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर प्लाटिंग ध्वस्त की.

अतीक अहमद के साथ भाई अशरफ Image Credit: फाइल फोटो

माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई जमीन पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले में लेखपाल मनीष कुमार की तहरीर पर एयरपोर्ट थाने में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने अतीक अहमद के कथित फाइनेंसर और बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद नसरत और मोहम्मद आफताब अहमद के खिलाफ कार्रवाई की है.

एफआईआर 24 अगस्त को सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत दर्ज की गई. मामला शाहा उर्फ पीपल गांव की आराजी संख्या 1115, रकबा 0.4680 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि नामजद लोगों ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई इस जमीन पर कब्जा कर लिया और इसके बाद वहां अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी. आरोप यह भी है कि प्लाटिंग किए गए भूखंडों को लोगों को बेच दिया गया.

22 अगस्त को बुलडोजर से ध्वस्त हुई अवैध प्लाटिंग

यानी जिस जमीन को प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से जुड़े मामले में कुर्क किया था, उस पर ही कथित तौर पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर कारोबार शुरू कर दिया. मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कराया. 22 अगस्त को एसडीएम सदर की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और प्लाटिंग को हटाया गया. इसके बाद लेखपाल की ओर से थाने में तहरीर दी गई.

कुर्क जमीन की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की

इसके आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्ति की सुरक्षा और निगरानी के लिए संबंधित थाने के थाना प्रभारी को कस्टोडियन बनाया जाता है. ऐसे में कुर्क जमीन पर कब्जा और उस पर प्लाटिंग किए जाने का मामला कई सवाल खड़े करता है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस जमीन को प्रशासन ने कुर्क कर रखा था, उस पर भूमाफियाओं ने कब्जा कैसे कर लिया?

किसकी शह पर हुआ जमीन का खेल?

इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि कुर्क जमीन पर प्लाटिंग और बिक्री का खेल कितने समय से चल रहा था और इस दौरान संबंधित अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी. मामले में अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ सकता है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपियों ने कुर्क जमीन पर कब्जा किस तरह किया और प्लाटिंग के बाद भूखंडों की बिक्री कैसे की गई. फिलहाल पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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