अबान सुपुर्द-ए-ख़ाक, तीनों भाइयों ने दिया कंधा, अली-उमर को जेल लेकर निकली पुलिस
अतीक अहमद के बेटे अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. उसके जेल में बंद भाई अली और उमर पैरोल पर आकर जनाजे में शामिल हुए, जिन्होंने अबान को कंधा दिया. हालांकि शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर उड़ी अफवाहों को पुलिस ने खारिज किया है. अबान की मृत्यु एक सड़क दुर्घटना में हुई थी.
माफिया डॉन अतीक अहमद के छोटे बेटे 21 वर्षीय अबान को शनिवार की देर शाम प्रयागराज कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. आबान को उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया गया है. इस दौरान अतीक के तीनों बेटों उमर, अली और अहजम ने अपने छोटे भाई को कंधा दिया. अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए ही अली को झांसी जेल से तो उमर को लखनऊ जेल से पैरोल पर छोड़ा गया था.
दोनों जेल से सीधा कब्रिस्तान पहुंचे थे, जबकि अहजम अपने भाई का शव लेकर कब्रिस्तान पहुंचा. इस दौरान तीनों भाई बेहद भावुक नजर आए. अबान के सुपुर्द-ए-ख़ाक के बाद अली और उमर को कब्रिस्तान से ही लेकर वापस झांसी और लखनऊ जेल लौट गई. इस दौरान मौके पर भारी भीड़ थी. इन तीनों भाइयों को देखने और इनके मिलने के लिए लोग धक्का मुक्की तक करने लगे थे. ऐसे में पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर इन्हें बाहर निकला और गाड़ी में बैठाकर रवाना कर दिया गया.
क्या जनाजे में शामिल हुई शाइस्ता?
अबान के जनाजे के दौरान उसकी मां शाइस्ता परवीन को लेकर खूब अफवाहें उड़ी. दावा किया जा रहा है कि बुर्कानशीं महिलाओं की टोली में शाइस्ता भी थी. उसने चुपचाप बेटे का अंतिम दीदार किया और चुपके से वहां से निकल भी गई. हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज किया है. पुलिस के मुताबिक शाइस्ता वर्ष 2023 से ही फरार है और तब से वह प्रयागराज नहीं लौटी है. वह अपने पति अतीक अहमद और बेटे असद के जनाजे में भी शामिल नहीं हुई थी.
सड़क हादसे में हुई आबान की मौत
अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत बीते गुरुवार को सड़क हादसे में हुई थी. यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए झांसी जेल जा रहा था. हादसे के बाद झांसी में ही अबान के शव का पोस्टमार्टम हुआ. उसके बाद प्रयाराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसे दफन किया गया है. यहीं पर उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी दफनाया गया है.
पर्दा लगी गाड़ी में आए अली और उमर
भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए अतीक के बेटे उमर और अली को अदालत से पैरोल मिली थी. दोनों अलग-अलग जेलों से पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंचे. अली को शनिवार सुबह झांसी जेल से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया. वहीं उमर को दोपहर में लखनऊ जेल से प्रयागराज लाया गया. दोनों को पर्दा लगी गाड़ी से लाया गया और वैसे ही ढंककर इन्हें वापस भी जाया गया है.
एक घंटे परिवार के साथ रहे अली-उमर
कब्रिस्तान पहुंचने के बाद उमर और अली ने एक-दूसरे को गले लगाया. इसके बाद जनाजे की नमाज अदा की और आबान को सुपुर्द-ए-खाक किया. इस दौरान उमर और अली को अपने भाई अहजम और बुआ समेत परिवार के करीबी सदस्यों से मिलने की अनुमति दी गई थी. पुलिस ने कब्रिस्तान से कुछ दूरी पर मस्जिद के पास एक घंटे तक इनके मुलाकात की व्यवस्था की थी.
