UP: STF ने पकड़ा साल्वर गैंग, प्रिंसिपल समेत 11 को दबोचा; लाखों की नकदी बरामद
प्रयागराज में UP STF ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. ITI नैनी में साल्वर गैंग परीक्षा अभ्यर्थियों की जगह दूसरों को बिठाकर पास कराता था. STF ने प्रिंसिपल समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनके पास से लाखों की नकदी भी बरामद हुई है. पुलिस ने मामला की जांच में जुटी है.
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले एक संगठित साल्वर गैंग का बड़ा खुलासा किया है. STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने ITI नैनी में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने वाले गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.
एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में ITI प्रिंसिपल अशोक कुमार, प्रभारी कार्यदेशक रवि प्रकाश, अनुदेशक फूल प्रकाश, धीरज कुमार, राजेश कुमार और राजकुमार मौर्य के अलावा साल्वर शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेंद्र पटेल और दिलीप कुमार पटेल शामिल हैं. पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
4000 रुपये लेकर परीक्षा में साल्वर को बैठाता था
जांच में सामने आया कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब चार हजार रुपये लेकर उसकी जगह साल्वर को परीक्षा में बैठाता था. परीक्षा के बाद वसूली गई रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे. STF ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 5.10 लाख रुपये नकद, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, पांच प्रवेश पत्रों की फोटोकॉपी समेत कई साक्ष्य बरामद की है.
आरोपियों के पास से छह एंड्रॉयड मोबाइल, तीन आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, सात एटीएम कार्ड, एक पेन ड्राइव, पांच मॉनिटर, पांच सीपीयू, पांच कीबोर्ड, पांच माउस और तलाशी के दौरान 16,370 रुपये अतिरिक्त नकदी भी मिलीं. यह कार्रवाई STF के सीओ शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में 29 जुलाई को IIT नैनी परिसर स्थित कौशल विकास भवन में की गई.
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाले में जुटी
पूछताछ में परीक्षा में सुनियोजित तरीके से फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाकर अवैध वसूली किए जाने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नैनी थाने में BNS की धारा 318(2) सहित उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाल रही है.
