6.33 करोड़ के फ्रॉड केस में हाजी इकबाल को बड़ा झटका, जानिए क्या है मामला
पूर्व MLC हाजी इकबाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका दिया है. 6.33 करोड़ की रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने उनकी FIR रद्द करने की मांग को ठुकरा दी है. साथ ही इसकी जांच यूपी STF से सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को सौंप दी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर से पूर्व MLC हाजी इकबाल इकबाल उर्फ बाला को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने 6.33 करोड़ के रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को रद्द करने इनकार कर दिया. साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच यूपी STF से लेकर सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को सौंपने का आदेश दिया है.
जस्टिस चंद्रधारी सिंह और जज लक्ष्मी कांत शुक्ला की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह के गंभीर आर्थिक अपराधों की जांच शुरुआती चरण में नहीं रोकी जा सकती. अगर जांच रोक दी जाए तो पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है. साथ ही यूपी STF को केस डायरी और जब्त सभी दस्तावेज SFIO को देने को कहा है.
नोएडा के इकोटेक-3 थाने में दर्ज है मुकदमा
मामले में शिकायतकर्ता नावेद अहमद का आरोप है कि उन्होंने 2013-14 में ग्रेटर नोएडा में प्लॉट के लिए एम/एस एनचेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को 6.33 करोड़ रुपये दिए थे. लेकिन न तो प्लॉट मिला और न ही पैसे लौटाए गए. इसी आधार पर मामले में नोएडा के इकोटेक-3 थाने में हाजी इकबाल और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हाजी इकबाल पिछले दो सालो से फरार हैं और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस (LOC) के साथ-साथ यूपी पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा है. सरकार ने यह भी दावा किया कि वह विदेश में रहकर कथित तौर पर व्हाइट-कॉलर अपराधों के एक बड़े सिंडिकेट का संचालन कर रहे हैं.
सहारनपुर से रह चुके हैं BSP के पूर्व MLC
वहीं, हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पूरे मामले की विस्तृत जांच एसएफआईओ करेगा. जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर आगे की कार्रवाई करेगी. हाजी इकबाल मूल रूप से सहारनपुर के मिर्जापुर इलाके के रहने वाले हैं. और वह सहारनपुर से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व MLC भी रह चुके हैं.
