क्या बेटे के ज़नाजे में शामिल होगी शाइस्ता परवीन? तीन साल से है फरार, तलाश में UP पुलिस

माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद एक बार फिर उसकी फरार पत्नी शाइस्ता परवीन चर्चा में है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शाइस्ता अपने बेटे के जनाजे में शामिल होगी? उमेश पाल हत्याकांड के बाद फरवरी 2023 से फरार शाइस्ता, बेटे असद अहमद के जनाजे में नहीं पहुंची थी. साथ ही वह पति अतीक और देवर अशरफ के जनाजे में भी नहीं पहुंची थी.

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन Image Credit: फाइल फोटो

माफिया अतीक अहमद के परिवार पर एक और बड़ा हादसा टूट पड़ा है. झांसी में हुए भीषण सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई. हादसे के वक्त वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था. इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल फिर से सामने आ गया है कि पिछले साढ़े तीन साल से फरार चल रही शाइस्ता परवीन अपने बेटे के जनाजे में शामिल होगी?

यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि 13 अप्रैल 2023 को बेटे असद अहमद के एनकाउंटर, 15 अप्रैल 2023 को पति अतीक अहमद और देवर अशरफ की हत्या के बाद भी शाइस्ता कभी सामने नहीं आई थी. पुलिस को उम्मीद थी कि वह अंतिम संस्कार में पहुंचेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब अबान की मौत के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नजर जनाजे पर टिकी रहेगी.

27 फरवरी 2023 से फरार है शाइस्ता

उमेश पाल हत्याकांड के बाद 27 फरवरी 2023 से शाइस्ता परवीन फरार है. उस पर उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने, हमलावरों की मदद करने, ठगी और आर्म्स एक्ट समेत कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं. उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है. शाइस्ता के साथ अतीक की बहन आयशा (नूरी) और भाई अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार हैं. जैनब और आयशा पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.

तीन साल में 9 राज्यों तक पहुंची पुलिस, फिर भी नहीं मिला सुराग

शाइस्ता की तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ, एटीएस, स्थानीय इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों ने पिछले तीन सालों में व्यापक अभियान चलाया. यूपी के 13 जिलों में लगातार छापेमारी हुई. तलाश का दायरा बढ़ाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और दिल्ली समेत 9 राज्यों तक ले जाया गया. 500 से अधिक स्थानों पर दबिश दी गई. एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस जारी हुआ. तस्वीरें विभिन्न राज्यों की पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भेजी गईं. इसके बावजूद आज तक पुलिस के हाथ शाइस्ता नहीं लगी.

उमेश पाल हत्याकांड के बाद बदली पूरी कहानी

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या हुई थी. सीसीटीवी फुटेज में अतीक का बेटा असद अहमद, गुड्डू मुस्लिम और अन्य शूटर फायरिंग करते दिखाई दिए थे. जांच आगे बढ़ी तो अतीक की पत्नी शाइस्ता, बहन आयशा और अशरफ की पत्नी जैनब को भी साजिश का आरोपी बनाया गया. आरोप है कि इन महिलाओं ने हमलावरों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी.

बेटे असद के एनकाउंटर पर भी नहीं पहुंची

13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ ने अतीक के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर कर दिया था. अगले दिन असद का जनाजा हुआ, लेकिन न तो अतीक मौजूद था और न ही शाइस्ता परवीन अंतिम विदाई देने पहुंची.

पति अतीक और अशरफ के जनाजे से भी दूरी

15 अप्रैल 2023 की रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के बाहर अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अगले दिन कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दोनों का अंतिम संस्कार हुआ. पुलिस को पूरा अंदेशा था कि शाइस्ता या जैनब जनाजे में आ सकती हैं. महिला पुलिसकर्मियों, एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों की विशेष तैनाती की गई, लेकिन शाइस्ता नहीं आई.

कौशांबी में ड्रोन से तलाश, फिर भी नहीं मिली

अप्रैल 2023 में पुलिस को सूचना मिली कि शाइस्ता कौशांबी के पल्हाना गांव में छिपी हुई है. पुलिस ने गांव को चारों ओर से घेर लिया. ड्रोन से गंगा के कछार की निगरानी हुई. घर-घर तलाशी ली गई. कई घंटे अभियान चला, लेकिन शाइस्ता वहां भी नहीं मिली. कुछ दिन बाद हटवा गांव में उसकी मौजूदगी की सूचना मिली, जहां अशरफ की ससुराल है. वहां भी पुलिस खाली हाथ लौट गई.

ओडिशा और दिल्ली तक पहुंचा सुराग

अक्टूबर 2024 में पुलिस को शाइस्ता की लोकेशन ओडिशा में मिलने का इनपुट मिला. एक सीसीटीवी फुटेज में गुड्डू मुस्लिम जैसा व्यक्ति दिखाई दिया. एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में वह कोई दूसरा व्यक्ति निकला. इसके बाद दिसंबर 2024 में दिल्ली से अतीक के भांजे जाकिर उर्फ जका की गिरफ्तारी हुई. पूछताछ में उसने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद शाइस्ता लंबे समय तक दिल्ली में छिपकर रही थी.

क्या अभी भी यूपी में ही है शाइस्ता?

पुलिस के कई अधिकारियों का मानना है कि शाइस्ता विदेश नहीं भागी है. हालांकि उसकी सटीक लोकेशन किसी एजेंसी के पास नहीं है. बीच-बीच में यह भी चर्चा रही कि वह अतीक के गैंग IS-227 की गतिविधियों को संभाल रही है, लेकिन इसकी कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी.

अतीक के पांच बेटों का क्या हुआ?

उमर अहमद – सबसे बड़ा बेटा, रंगदारी और अपहरण समेत कई मामलों में आरोपी. फिलहाल लखनऊ जेल में बंद.
अली अहमद – झांसी जेल में बंद. उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी.
असद अहमद – 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एनकाउंटर में मारा गया.
अहजम अहमद – अतीक की बहन के संरक्षण में.
अबान अहमद – अब सड़क हादसे में मौत.

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