होटल में नौकरी का झांसा देकर बनाया सैनिक, अब रूस-यूक्रेन युद्ध में रामपुर के युवक की मौत

रूस-यूक्रेन युद्ध में रामपुर के एक युवक की मौत हो गई. उसे होटल में नौकरी का झांसा देकर धोखे से रूसी सेना में भर्ती किया गया था. परिजनों के अनुसार, युवक को जबरन युद्ध के मोर्चे पर भेजा गया जहां गोली लगने से उसकी जान चली गई. गांव में मातम पसरा है, युवक का शव आज रामपुर पहुंचेगा.

यूक्रेन युद्ध में रामपुर के युवक की मौत Image Credit:

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले पांच सालों से युद्ध जारी है, अभी तक दोनों पक्षों के लाखों सेनिकों मारे जा चुके हैं. इस बीच ​उत्तर प्रदेश के रामपुर के एक युवक की रूस-यूक्रेन में मौत हो गई. वह होटल में नौकरी करने रूस गया थास लेकिन उसे वहां जबरन सेना में भर्ती कर दिया था. युवक की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा है, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

युवक की पहचान 22 वर्षीय शावेद के रुप में हुई है, वह रामपुर केतहसील स्वार के ग्राम सीतारामपुर (मजरा फतेहगंज) का रहने वाला था. शावेद, एक बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने लेकर रूस गया था, लेकिन बिचौलियों के धोखे और युद्ध की विभीषिका की भेंट चढ़ गया. युवक का शव आज रुस से दिल्ली लाया जा रहा है.

होटल में वेटर की नौकरी के बहने ले गया था

​परिजनों के अनुसार, शावेद करीब आठ महीने पहले एक स्थानीय एजेंट (बिचौलिए) के माध्यम से रूस गया था. उसे आश्वासन दिया गया था कि उसे वहां के एक नामी होटल में वेटर का काम दिलाया जाएगा, जिससे वह अपने परिवार की गरीबी दूर कर सकेगा. ​आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद शावेद को होटल में काम दिलाने के बजाय गुमराह किया गया.

बिचौलियों और वहां मौजूद सिंडिकेट ने उसे धोखे से रूसी सेना में भर्ती करा दिया. परिजनों का कहना है कि शावेद ने संपर्क करने पर बताया था कि उसे जबरन सैन्य प्रशिक्षण देकर युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर भेजा जा रहा है. इसी संघर्ष के दौरान मोर्चे पर गोली लगने से शावेद की जान चली गई. ​शावेद, चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था, उसपर घर का पूरा बोझ था.

‘हम बेटे का चेहरा आखिरी बार देखना चाहते हैं’

​शावेद का परिवार कृषि और पशुपालन के सहारे जीवन यापन करता है,. बेटे की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन ने रोते हुए कहा, ‘ हमें बताया गया था कि वह होटल में सुरक्षित है, लेकिन हमें क्या पता था कि उसे मौत के मुंह में धकेल दिया गया है. हम बस अपने बेटे का चेहरा आखिरी बार देखना चाहते हैं.’

​शावेद की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और कुछ ग्रामीण शव की आधिकारिक पहचान और उसे वापस लाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट की ओर रवाना हो गए हैं. आज जावेद की लाश दिल्ली पहुंचेगी. वहीं, ​​इस घटना ने विदेशी नौकरियों के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी हैइस संवेदनशील मामले पर प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है.

उच्च स्तर पर संपर्क कर जानकारी जुटा रहे- पुलिस

सीओ स्वार, अतुल कुमार पांडेय ने मीडिया को बताया, ‘फिलहाल हमें इस संबंध में कोई आधिकारिक कागजी सूचना प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मामला अत्यंत गंभीर है. हम उच्च स्तर पर संपर्क कर जानकारी जुटा रहे हैं.’ ग्रामीणों ने अपील की है कि वे विदेश जाने के लालच में आकर बिचौलियों के झांसे में न आएं और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कदम उठाएं.

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