फिजिक्स ने बढ़ाई टेंशन, सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट… NEET पेपर देकर निकले छात्रों ने क्या कहा?

NTA की ओर से आयोजित Re-NEET 2026 परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. बरेली में पेपर देकर निकले अधिकांश छात्रों का कहना था कि इस बार फिजिक्स का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा, पर सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्टि जताई. हालांकि, पेपर लीक का डर अब भी मन में है.

बरेली में री-नीट 2026 देकर निकले अभ्यर्थियों ने क्या कहा? Image Credit:

बरेली में री-नीट 2026 परीक्षा संपन्न होने के बाद जब छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले तो उनके चेहरों पर भी दिखी और थोड़ी चिंता भी. कई छात्राओं ने बताया कि इस बार परीक्षा में सबसे ज्यादा परेशानी फिजिक्स के सवालों में हुई. उनका कहना था कि बाकी विषयों के प्रश्न सिलेबस के अनुसार थे, लेकिन फिजिक्स का स्तर पहले के मुकाबले कठिन लगा.

परीक्षा देकर बाहर निकली एक छात्रा ने बताया कि पहली परीक्षा की तुलना में इस बार पेपर थोड़ा मुश्किल लगा है. खासतौर पर फिजिक्स के सवालों ने समय ज्यादा लिया. जबकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न सिलेबस के अनुरूप थे. हालांकि छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पहले से काफी बेहतर दिखाई दी, जिससे परीक्षा के दौरान मन में भरोसा बना रहा.

‘इस बार व्यवस्था देखकर डर कुछ कम हुआ’

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजामों को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने संतोष जताया. छात्राओं ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई. सरकार की तरफ से कई सुविधाएं दी गईं. कुछ छात्राओं ने बताया कि पहले परीक्षा को लेकर मन में तनाव था, लेकिन इस बार व्यवस्था देखकर डर कुछ कम हुआ.

हालांकि परीक्षा खत्म होने के बाद भी एक बात लगभग हर छात्र और अभिभावक के मन में दिखाई दी, वह था पेपर लीक का डर. कई छात्रों का कहना था कि अगर मेहनत के बाद परीक्षा दोबारा देनी पड़े तो समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक ऊर्जा तीनों का नुकसान होता है. TV9 की टीम से बातचीत में इस दौरान कुछ अभिभावकों ने अपनी चिंता खुलकर रखी.

नकल-पेपर लीक पर रोक ऊपर के स्तर पर हो

एक अभिभावक ने कहा कि उनकी बेटी पहले भी परीक्षा दे चुकी थी और इस बार चयन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पिछली बार की स्थिति के बाद परिवार को दोबारा तैयारी करनी पड़ी. उनका कहना था कि अब सिर्फ यही उम्मीद है कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और किसी तरह की गड़बड़ी सामने न आए. एक अन्य ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया.

अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नकल और पेपर लीक परीक्षा केंद्रों पर नहीं बल्कि ऊपर के स्तर पर रोकी जानी चाहिए. उनका कहना था कि केवल सख्त जांच से भरोसा नहीं बनेगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए. परीक्षा के लिए बरेली में कुल 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब 14 हजार 4000 से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे.

परीक्षा के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा

परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया. जिले में 312 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई. सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सेंट्रल ऑब्जर्वर और कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए. परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पूरी तरह रोक रही.

इसके साथ ही मुख्यंत्री की ओर से अभ्यर्थियों को आने-जाने में राहत देने के लिए बस किराए में 50 प्रतिशत छूट दी गई और शहर की इलेक्ट्रिक बसों में भी रियायत दी गई. अतिरिक्त ट्रेन संचालन की व्यवस्था भी की गई. अब परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार मेरिट कितने अंक पर जाएगी और मेहनत का परिणाम क्या होगा.

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