कैराना में जिसके डर से हिंदुओं ने किया पलायन, वो फुरकान मारा गया; एक लाख का था इनामी
उत्तर प्रदेश के कैराना में हिंदुओं के पलायन के मुख्य आरोपी और एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. वह कुख्यात मुकीम काला गैंग का सदस्य था और उस पर हत्या, लूट व रंगदारी के कई मामले दर्ज थे. फुरकान के खौफ से 346 परिवार पलायन करने को मजबूर हुए थे. इस एनकाउंटर से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद है.
उत्तर प्रदेश के कैराना में हिंदुओं पर अत्याचार व उनके पलायन का मुद्दा आज भी उठता रहता है. इस वारदात का मुख्य आरोपी और एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान को आखिरकार शामिल पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. यह एनकाउंटर झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना के पास हुई. इसमें एक सिपाही के भी पेट में गोली लगी है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक फुरकान पर कैराना से हिन्दुओं को पलायन करने पर मजबूर करने का आरोप है. इसके अलावा वह कुख्यात मुकीम काला गैंग का सदस्य भी रहा है.
पुलिस के मुताबिक फुरकान लंबे समय से फरार चल रहा था. उसके ऊपर हत्या, लूट, रंगदारी समेत कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. वह कुख्यात मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पिछले दिनों एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जब बदमाशों को घेरने का प्रयास किया तो फुरकान ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी.इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. जिसमें यह बदमाश मारा गया.
बदमाश के पास मिले आधुनिक हथियार
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इस बदमाश की तलाशी ली. इस दौरान उसके पास से आधुनिक हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. एनकाउंटर के बाद पुलिस के तमाम अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पंचनामा के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस के मुताबिक अब इस बदमाश की क्रिमनल हिस्ट्री निकाली जा रही है. माना जा रहा है कि शामली, सहारनपुर के अलावा इस बदमाश के खिलाफ कई अन्य जिलों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
346 परिवारों ने किया था पलायन
पुलिस के मुताबिक कैराना के आर्यपुरी का रहने वाले बदमाश फुरकान ने दिन दहाड़े व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या की. इसके बाद वह 6 महीने जेल में रहा और जमानत पर बाहर आने के बाद इसने व्यापारियों को डराने धमकाने और रंगदारी मांगने का काम शुरू किया. इस बदमाश के खौफ से कई व्यापारी यहां से पलायन कर गए थे. इस बदमाश का मुद्दा पूर्व सांसद हुकुम सिंह ने संसद में भी उठाया था. बता दें कि इसकी गैंग का सरगना मुकीम काला कुछ साल पहले चित्रकूट जेल में हुए गंगवार में मारा गया था.