संभल की मस्जिद में मिले ऐसे झंडा-पोस्टर, प्रशासन ने चला दिया बुलडोजर; सरकारी जमीन पर हुआ था निर्माण
उत्तर प्रदेश के संभल में कब्रिस्तान की आरक्षित सरकारी जमीन पर बनी अवैध मुस्तफा कादरी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के बावजूद मस्जिद कमेटी साक्ष्य पेश नहीं कर पाई. ध्वस्तीकरण के दौरान मस्जिद से 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और एक हरा झंडा बरामद हुआ, जिसकी पुलिस जांच कर रही है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध रूप से बनी कसेरुआ गांव की मुस्तफा कादरी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. जिला प्रशासन का दावा है कि यह मस्जिद कब्रिस्तान के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है. प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान बवाल होने की आशंका थी. इसलिए पुलिस ने पहले पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था. इसके बाद दो जेसीबी और एक क्रेन की मदद से शनिवार को पूरी इमारत को धराशायी कर दिया गया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मस्जिद में बड़ी संख्या ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर मिले हैं. इसके अलावा हरे रंग का एक झंडा भी बरामद हुआ है. इन चीजों को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. संभल पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक मस्जिद में से बरामद पोस्टर और झंडे के संबंध में गहन जांच की जा रही है. मस्जिद के कर्ता-धर्ताओं से पूछताछ कर यह पता किया जा रहा है कि ये झंडा पोस्टर किसने और क्यों रखा.
पांच महीने पहले हुई थी पैमाइश
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह सरकारी जमीन है और कब्रिस्तान के लिए आरक्षित किया गया है. पांच महीने पहले इस जमीन की पैमाइश हुई थी. इस दौरान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण चिन्हित कर मस्जिद कमेटी को सूचित कर दिया गया था. साथ ही उन्हें अवैध कब्जा हटा लेने का अल्टीमेटम भी दिया गया था. इस संबंध में तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद भी दायर करते हुए मस्जिद समिति को अपने पक्ष रखने का समय दिया गया.
मस्जिद कमेटी नहीं दे पायी साक्ष्य
इस जमीन के मालिकाना हक साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद मस्जिद कमेटी कोई साक्ष्य नहीं दे पायी. इसके बाद तहसीलदार ने अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए थे. डीएम संभल अंकित खंडेलवाल के मुताबिक मस्जिद कमेटी ने तहसीलदार के आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन साक्ष्य के अभाव में यह चुनौती खारिज हो गई. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद की बिल्डिंग को अवैध करार देते हुए ध्वस्त कर दिया है.
तैनात रही 4 थानों की फोर्स
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान शांति भांग होने की आशंका थी. इसलिए प्रशासन ने पहले ही कसेरुआ गांव में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे. मौके पर चार थानों की पुलिस फोर्स के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने लोगों को भी शांति बनाए रखने व सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचने की अपील की.
