शाहजहांपुर BSA ऑफिस में एंटी करप्शन टीम का छापा, रिश्वत लेते दो लोगों को उठाया
शाहजहांपुर में एंटी करप्शन टीम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में छापा मारा. कंप्यूटर ऑपरेटर और जिला समन्वयक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. एक महिला सहायक अध्यापिका की शिकायत पर एक्शन हुआ है, जिनसे अनुपस्थिति और वेतन वृद्धि पत्रावली के निस्तारण के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी.
शाहजहांपुर में बरेली मंडल की एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के कार्यालय पर छापा मारा. जहां से कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार और जिला समन्वयक निश्चय सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण दोनों कर्मचारियों को कोतवाली सदर बाजार लेकर आए.
शिकायतकर्ता रेनू शुक्ला कंपोजिट स्कूल पैना बुजुर्ग में सहायक अध्यापक हैं. इन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि अनुपस्थिति पत्रावली एवं वेतन वृद्धि पत्रावली के निस्तारण के लिए 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी, जिसके बाद शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रिश्त लेते पकड़ा.
स्कूल 2 मिनट लेट पहुंचने पर वेतन वृद्धियां रोक दी
शिकायतकर्ता रेनू शुक्ला के पति ने BSA कार्यालय में तैनात अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बीते नवंबर माह में उनकी पत्नी स्कूल 2 मिनट लेट पहुंची थी, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने चार लोगों की वेतन वृद्धि और तीन लोगों का 1 दिन का वेतन रोकने की कार्यवाही के लिए BSA को रिपोर्ट सौंपी थी.
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले स्टाफ से पैसे देने की डिमांड की गई थी जिसकी रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है. पैसे नहीं देने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने 8 लोगों पर कार्यवाही के लिए BSA को रिपोर्ट सौंप दी. BSA ने भी खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट को सही मानकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी थी. जिसके चलते पत्नी की दो वेतन वृद्धियां रोक दी गई.
वेतन वृद्धि पत्रावली सही करवाने के एवज में पैसों की मांग
शिकायतकर्ता रेनू शुक्ला के पति ने कहा कि इसके बाद कार्यालय में तैनात लिपिक प्रदीप द्वारा वेतन वृद्धि पत्रावली सही करवाने के एवज में पैसों की मांग की जा रही थी. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लिपिक प्रदीप द्वारा उनकी पत्नी रेनू शुक्ला को विद्यालय में जाकर धमकाया भी गया और निरीक्षण की कोई भी एंट्री स्कूल रजिस्टर में नहीं की गई.
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में कहा कि शिक्षक बहुत परेशान है और जहां कहीं कार्यालय की टीम निरीक्षण करने जाती है वहां पैसे की डिमांड की जाती है. उन्होंने इस पूरे मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी पर बाबू के माध्यम से धन उगाही करने का आरोप लगाया. फिलहाल, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है.