‘जो गौ रक्षा करेगा, समर्थन उसी को मिलेगा’, सोनभद्र में गरजे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

सोनभद्र में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ संरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत हुआ. उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो गौ रक्षा करेगा, समर्थन उसी को मिलेगा. शंकराचार्य ने पूछा, 'सनातन समाज अधर्म देखकर मौन कैसे रह सकता है?

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (फाइल फोटो) Image Credit:

ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों अपने गौ संरक्षण एवं सनातन जागृति यात्रा पर हैं. सोमवार को उनका काफिला सोनभद्र के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा. जहां आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज और राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने लोगों को गौवंश संरक्षण और गौ रक्षा के प्रति जागरूक किया.

शंकराचार्य ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री योगी पर कहा कि संत और राजा दोनों एक नहीं हो सकते. संत का पद ऊंचा है. योगी संत हैं मुख्यमंत्री नहीं. उन्होंने साथ ही विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से अपील की कि वे उन्हीं प्रत्याशी को वोट दें, जो गौ माता की रक्षा के प्रतिबद्ध हों. जो गौ रक्षा करेगा, समर्थन उसी को मिलना चाहिए.

गौ सेवा से ही रघुवंश की स्थापना हुई- शंकराचार्य

ओबरा मानस भवन में आयोजित सभा के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि माता का स्वरूप है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी सोच गाय को केवल दूध और मांस के दृष्टिकोण से देखती है, जबकि भारतीय परंपरा में गाय सेवा, संस्कार और आस्था का प्रतीक है. उन्होंने राजा दिलीप और रघुवंश की कथा का भी उल्लेख किया.

उन्होंने बताया कि गौ सेवा से ही रघुवंश की स्थापना हुई और उसी वंश में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ. रामचरितमानस और लक्ष्मण रेखा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक आधार सदाचार और आचरण है, न कि केवल भगवा वस्त्र. शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में अधर्म और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्चा धर्म है.

विधानसभा स्तर पर प्रतिनिधियों की नियुक्ति का ऐलान

जटायु प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब एक पक्षी भी माता सीता के हरण पर शांत नहीं बैठा, तो सनातन समाज अधर्म देखकर मौन कैसे रह सकता है? उन्होंने कहा कि समाज को यह तय करना होगा कि धर्म के पक्ष में कौन खड़ा है और अधर्म के साथ कौन खड़ा है. साथ ही गौ संरक्षण के लिए विधानसभा स्तर पर प्रतिनिधियों की नियुक्ति का भी ऐलान किया.

शंकराचार्य ने कहा कि गोरखपुर से शुरू हुई यह यात्रा अब तक 45 जिलों का भ्रमण कर चुकी है और 24 जुलाई तक प्रदेश के सभी 80 जिलों में पहुंचकर गौ धाम निर्माण और गौ संरक्षण का संदेश देगी. वहीं, कार्यक्रम के अंत में रॉबर्ट्सगंज स्थित राम-जानकी मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद शंकराचार्य का काफिला चंदौली के लिए रवाना हो गया.

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