टूर्नामेंट में भाग लेने गोंडा पहुंचीं विनेश फोगाट, नहीं मिली एंट्री; कहा- वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं
पहलवान विनेश फोगाट को गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में एंट्री नहीं मिली. उनका कहना है कि ITA से परमिशन मिली थी, फिर भी उन्हें प्रतियोगिता से रोक दिया गया. फोगट का कहना है कि गोंडा पहुंचने पर न तो उन्हें वेरिफिकेशन पूरा करने दिया और न ट्रेनिंग हॉल इस्तेमाल करने दिया गया.
कांग्रेस नेता और पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच घमासान जारी है. बैन के बावजूद सोमवार को विनेश फोगाट सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गोंडा पहुंचीं. लेकिन उन्हें एंटी-डोपिंग नियमों के तहत प्रतियोगिताओं में एंट्री नहीं मिली. अब इसपर पहलवान विनेश फोगाट ने WFI पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
दरअसल, WFI ने विनेश फोगाट को 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है. WFI का कहना है कि विनेश फोगाट ने पहले कुश्ती से संन्यास ले लिया था, वापसी करने के लिए 6 महीने की नोटिस अवधि पूरी करनी होती है, जिसे उन्होंने नहीं किया. अब फोगाट ने EFI पर हमला करते कहा कि ‘वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं.’
गोंडा पहुंचीं, लेकिन टूर्नामेंट में नहीं मिली अनुमति
गोंडा के नंदिनी नगर में 10-12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का आयोजिन हो रहा है. बैन के बावजूद वह गोंडा पहुंचीं. वहां पहुंचने से पहले अयोध्या में कहा कि टूर्नामेंट में जाकर ही देखा जाएगा कि कैसे खेला जाए या नहीं खेला जाएगा. हम अपनी ओर से जवाब देने का प्रयास कर रहे हैं. हमारी भी इच्छा है कि हम देश के लिए मेडल जीतें.
हालांकि, गोंडा पहुंचने पर उन्हें टूर्नामेंट खेलने की अनुमति नहीं मिली. विनेश फोगाट ने एक्स पर लिखा, ‘ मुझे ITA से 1 जनवरी, 2026 से मुकाबला करने की लिखित इजाज़त मिल गई है. मैं आज हिस्सा लेने के लिए गोंडा आया था लेकिन मुझे न तो अपना वेरिफिकेशन पूरा करने दिया गया, और न ही यहां ट्रेनिंग हॉल इस्तेमाल करने दिया गया.’
‘वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं, मैं थक जाऊं’
विनेश फोगाट का कहना है कि उन्हें कोई खास सुविधा नहीं चाहिए, वो बस अपनी काबिलियत के आधार पर मुकाबला करना चाहती हैं. विनेश फोगाट ने WFI के अधिकारियों से मिलकर नोटिस का जवाब भी दिया. इसके बाद विनेश ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाते कहा कि उन्हें आवाज उठाने की सजा मिल रही है, वह हार स्वीकार नहीं करेंगी.
उन्होंने कहा, ‘आप मेरे से क्या उम्मीद करते हैं? क्या मैं संन्यास ले लूं और दूर हो जाऊं? हार मान लूं? जिससे कि मेरे खिलाफ
उनकी साजिश कामयाब हो जाए? वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं, मैं थक जाऊं, मैं हाथ जोड़ लूं और चली जाऊं. संजय सिंह, बृज भूषण, उनकी टीम, वे सभी जिनका इस पर नियंत्रण है, जिनके पास सत्ता है.’