शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बस्ती में किया था ‘सनातन धर्म संवाद’ कार्यक्रम, अब आयोजक पर FIR
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बस्ती में 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया था. वहीं, कार्यक्रम के पांच दिन बाद आयोजक पर FIR दर्ज हुई है. कोतवाली थाना प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें ध्वनि प्रदूषण फैलाने के भी आरोप हैं.
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 29 मार्च को बस्ती में ‘सनातन धर्म संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित किया था. इसका आयोजन बस्ती के राजकीय इंटर कॉलेज के प्रांगण में हुआ. प्रशासन ने शर्तों के साथ कार्यक्रम को अनुमति दी थी, वहीं, अब पांच दिन शनिवार को कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत पांडे पर FIR दर्ज की गई है.
कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत पांडे, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. कोतवाली थाना प्रभारी की तहरीर पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि कार्यक्रम में प्रभावी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया. साथ ही कार्यक्रम स्थल पर तेज ध्वनि और सभा के दौरान वक्ताओं के भाषण से समाज में वैमनस्यता फैलाई गई है.
समुदाय के बीच शत्रुता को बढावा देने का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, शंकराचार्य के सनातन धर्म संवाद’ कार्यक्रम को SDM सदर बस्ती ने सशर्त अनुमति दी थी. कार्यक्रम राजकीय इंटर कॉलेज, बस्ती में दोपहर 11:00 बजे से 04:00 तक प्रस्तावित था. मौके पर रहते हुए यह देखा गया कि जनपद में प्रभावी धारा 163 के अंतर्गत दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं किया गया. कोविड-19 प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन हुआ.
आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeakers) कोर्च के मानकों के विपरीत अत्यधिक तेज़ आवाज़ में बज रहे थे. साथ ही आयोजन में वक्ताओं के समुदाय के बीच शत्रुता घृणा का बढावा जैसे भाषा का प्रयोग किया गया जिससे समान्य नागरीकों के बीच असहज उत्पन हो रही थी. तेज आवाज के कारण आस-पास के लोगों को असुविधा हुई.
गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष के PC के बाद एक्शन
वहीं, मामले में कोतवाली थाना प्रभारी की तहरीर पर कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत पांडे के खिलाफ ध्वनी प्रदूषण नियम 2020 की धारा 5 और 6, BNS की धारा 223, 271 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. केस की जांच उपनिरिक्षक अजय सिंह को सौंपा गया है. यह कार्रवाई गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला के प्रेसवार्ता के बाद की गई है.