‘जितना छीन लिया उतना तो दे दो’… शिक्षामित्रों का वेतन बढ़ाने पर सपा सांसद का योगी सरकार पर तंज
योगी सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का वेतन 10 हजार से 18 हजार करने के फैसले पर सपा सांसद रुचि वीरा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कम से 'कम जितना पहले मिलता था, उतना तो कर देते.'उनके अनुसार यह फैसला पूरी तरह चुनाव को ध्यान में रखकर लिया गया है.
योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का वेतन 10 हजार से 18 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है. अब इस फैसले पर यूपी में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षामित्रों का वेतन 18,000 रुपये किए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने तीखा कटाक्ष किया है.
‘जितना पहले मिलता था, उतना तो कर देते’
सांसद रुचि वीरा ने कहा कि यह चुनावी साल है और सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है. उन्होंने कहा कि पहले शिक्षामित्रों को 35,000 स 36,000 रुपये तक वेतन मिलता था, जिसे घटाकर ₹10,000 कर दिया गया. अब बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम जितना पहले मिलता था, उतना तो कर देते. उनके अनुसार यह फैसला पूरी तरह चुनाव को ध्यान में रखकर लिया गया है.
पोस्टर वार पर भी रुचि वीरा ने दी प्रतिक्रिया
बीजेपी और सपा के बीच पोस्टर वार शुरू हो चुका है. फिल्म धुरंधर के रहमान डकैत से जुड़े पोस्टर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लगाए जाने रो रुचि वीरा ने ओछी हरकत बताया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को हर युवक हर व्यक्ति एक विकास पुरुष के रूप में देखता है और इस तरह के पोस्टर लगाना राजनीतिक स्तर को गिराने जैसा है.
गंगा नदी को लेकर वायरल वीडियो पर क्या बोली सपा सांसद
गंगा नदी से जुड़े एक वायरल वीडियो पर भी सांसद रुचि वीरा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान गंगा किनारे रोज़ा इफ्तार करने वाले कुछ लोगों पर उस समय पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन अब जो वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें कुछ लोग आपत्तिजनक स्थिति बीयर पीते हुए नजर आ रहे हैं. इसपर भी उसी समान कार्रवाई होनी चाहिए.
रुचि वीरा ने आगे कहा कि गंगा नदी हमारी आस्था का प्रतीक है और इसे गंगा मां के रूप में पूजा जाता है. ऐसे में किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.