यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- दुरुपयोग होने का है खतरा
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दिया है. कोर्ट ने कहा कि इन नए नियमों की भाषा अस्पष्ट है. इसके दुरुपयोग होने का खतरा बना रहेगा. बता दें कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में बारह पिटीशन्स फाइल की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि इन नियमों को प्रथम दृष्टया देखने पर ऐसा लग रहा है कि नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है. इसके दुरुपयोग होने का खतरा बना रहेगा. ऐसे में इन नियमों की फिर से जांच की जरूरत है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस विषय पर फिर से रेगुलेशन बनाने को कहा है. तब तक ये नियम लागू नहीं किए जाएंगे.
2012 का यूजीसी नियम लागू रहेगा
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को तलब भी किया है. कोर्ट ने कहा आप इसपर जवाब दें. साथ ही एक कमेटी भी गठित करें, जो इस मुद्दे की समीक्षा करे. बता दें कि यूजीसी के नये नियम के खिलाफ पूरे देश में बवाल मचा हुआ था. इस नियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बारह पिटीशन्स फाइल की गई थी. इन नियमों पर कोर्ट ने रोक लगा दी. साथ ही इसपर अगली सुनवाई 19 मार्च को करने का फैसला लिया है. इस दौरान साल 2012 का यूजीसी नियम लागू रहेगा.
75 साल बाद भी देश जातियों के जंजाल से नहीं निकल सका
चीफ जस्टिस सूर्यकांत यूजीसी के नए कानूनों पर रोक लगाते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश जातियों के जंजाल से नहीं निकल सका है. वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अमेरिका में अश्वेत और श्वेत बच्चों को अलग-अलग स्कूलों में पढ़ना पड़ता था. मुझे उम्मीद है हम उस स्थिति में नहीं पहुंचेंगे.
CJI सूर्य कांत पहचान आधारित विभाजन पर चिंता जताई
CJI सूर्य कांत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि 75 साल में हम वर्गहीन समाज के लिए जो कुछ हासिल कर पाए हैं, उससे पीछे उससे पीछे जा रहे हैं. उन्होंनेसमाज में बढ़ती वर्गीय और पहचान आधारित विभाजन की प्रवृत्तियों पर भी चिंता जताई.
