मुरादाबाद के ‘त्रिशूल रक्षा संग्रहालय’ में क्या है खास? देशभर से 2025 बैच के IAS ट्रेनी पहुंचे
मुरादाबाद के अनोखे 'त्रिशूल - भारतीय रक्षा संग्रहालय' में 2025 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं और एनसीसी कैडेट्स ने भ्रमण किया. 35 करोड़ की लागत से बना यह भव्य स्मारक भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, आधुनिक तकनीकों और वीर गाथाओं को प्रदर्शित करता है.
उत्तर प्रदेश की पहली गैर-सैन्य छावनी में बने भव्य युद्ध स्मारक ‘त्रिशूल-भारतीय रक्षा संग्रहालय’ में एक विशेष अध्ययन सह-जागरूकता भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी से आए 2025 बैच के प्रशिक्षु IAS, NCC के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और करीब 100 NCC कैडेट्स ने संग्रहालय का भ्रमण किया.
नगर निगम मुरादाबाद ने करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से इस अनूठे युद्ध स्मारक को विकसित किया है. इस संग्रहालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. भ्रमण के दौरान नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल (IAS) ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें संग्रहालय की अवधारणा, उद्देश्य तथा विभिन्न दीर्घाओं की जानकारी दी.
सेना के शौर्य से रूबरू हुए भावी IAS
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल सैन्य इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है. इसमें भारतीय सेनाओं के इतिहास, युद्ध अभियानों और वीर सैनिकों की गौरवगाथाओं को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है.
संग्रहालय में प्रदर्शित आधुनिक तकनीकों और सैन्य धरोहरों ने सभी उपस्थित अतिथियों और कैडेट्स को बहुत प्रभावित किया है. परिसर में स्थापित मिग-27 लड़ाकू विमान, टी-55 युद्धक टैंक, वीटी-55 रिकवरी वाहन, INS विक्रांत की शानदार प्रतिकृति, युद्ध ट्रेंच, डोम थिएटर, एडवेंचर ज़ोन और डिजिटल इंटरैक्टिव प्रदर्शन विशेष ध्यान आकर्षित किया.
युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी
इस अवसर पर मेजर जनरल गौरव गौतम (वीएसएम), ब्रिगेडियर अमित उनियाल, कर्नल रघु पठानिया सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. प्रशिक्षु IAS अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास को प्रस्तुत करने का यह प्रयास बेहद प्रेरणादायक है और इससे युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी.
कार्यक्रम के अंत में नगर निगम और भारतीय सेना के अधिकारियों ने भविष्य में भी छात्रों, NCC कैडेट्स और प्रशासनिक प्रशिक्षुओं के लिए ऐसे शैक्षिक भ्रमण नियमित रूप से आयोजित करने पर सहमति जताई. सभी अतिथियों ने मुरादाबाद नगर निगम के इस अभिनव प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति को बढ़ावा देने वाला बताया.