PM आवास के बाहर प्रदर्शन पर भड़के डिप्टी सीएम, बोले- सुरक्षा से समझौता करने की कोशिश
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन को 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ और व्यवस्था का मज़ाक उड़ाने जैसा है. मौर्य ने कहा कि यह पूरे लोकतांत्रिक तंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए आरोप लगाया कि इससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की गई.
मौर्य ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं से बातचीत करने और उनके मुद्दों पर चर्चा के लिए पहले ही तैयार हो गई थी. इसके बावजूद विपक्षी नेताओं ने धरना जारी रखा, जो उचित नहीं था. एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री के बातचीत के लिए सहमत होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखना पूरे लोकतांत्रिक तंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है.
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का सबसे उचित मंच संसद ही है. ऐसे में सड़क पर प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं थी. उनके अनुसार, यदि विपक्ष के पास कोई मुद्दा है तो उसे संसद के भीतर उठाना चाहिए.
उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों में न तो एकता है और न ही कोई स्पष्ट दृष्टि. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास कार्यों में बाधा डालने और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.
मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कल्याण और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष इन प्रयासों को स्वीकार नहीं कर पा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह का प्रदर्शन किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता.
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए अपने मुद्दे संसद में उठाए और जनता के हित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा करे.