पहले उछल-उछलकर शंकराचार्य पर लगाया आरोप, अब क्यों फूट-फूटकर रोए आशुतोष ब्रह्मचारी?

शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब खुद जान का खतरा बताकर फूट-फूटकर रो रहे हैं. हाईकोर्ट से शंकराचार्य को राहत मिलने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक डिप्टी सीएम पर धमकाने का आरोप लगाया है. वे खुद को बेबस और लाचार बता रहे हैं, न्यायपालिका पर भी सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शो षण का आरोप लगाकर मुश्किल में डालने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब खुद मुश्किल में पड़ गए हैं. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वह फूट-फूटकर रोते नजर आ रहे हैं. यही नहीं, वह अब अपनी जान का खतरा भी जता रहे हैं. हाईकोर्ट से शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी खुद को बेबस और लाचार बता रहे हैं.

अब तक वह शंकराचार्य से खतरा बता रहे थे, लेकिन अब उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में एक डिप्टी सीएम पर सीधा आरोप लगाते हुए अपनी जान का खतरा बताया है. कहा कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है. इसी प्रकार उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाया. कहा कि हाईकोर्ट में उनका पक्ष तक नहीं सुना गया और एकतरफा फैसला दे दिया गया. कहा कि शंकराचार्य के पास अथाह पैसा है और बड़े वकील हैं. जबकि वह एक साधारण साधु हैं. इसलिए उनकी बात को दबा दिया गया.

कुचललना चाहते हैं सत्ताधारी

वायरल हो रहे वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर तो दबाव बनाने का आरोप लगाया ही, बिना नाम लिए उत्तर प्रदेश के एक डिप्टी सीएम को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की. कहा कि सत्ता में शीर्ष पर बैठे लोग उन्हें धमका रहे हैं. अब स्थिति यहां तक आ गई है कि इन लोगों से उन्हें और आश्रम में रह रहे छोटे-छोटे बटुकों को जान का खतरा पैदा हो गया है. चूंकि उन्होंने एक प्रभावशाली व्यक्ति की पूंछ पर पैर रख दिया है, इसलिए सत्ता में बैठे लोग उन्हें कुचलना चाहते हैं.

हाईकोर्ट के फैसले के बाद डर का माहौल

अब तक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर उछल-उछलकर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी इस वीडियो में भावुक नजर आए. कहा कि जब से हाईकोर्ट का फैसला आया है, उनके आश्रम में डर का माहौल है. यहां रहने वाले छोटे बच्चे और बटुक दहशत में हैं. अनहोनी की आशंका की वजह से ना तो उन्हें दिन में चैन है और ना ही रात में सुकून. उन्होंने इस वीडियो के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार और हाईकोर्ट से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है. कहा कि हम पीड़ित पक्ष हैं और हमें भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए.

माघ मेले में शुरू हुआ था विवाद

बता दें कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच टकराव हुआ था. इसके बाद शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमले शुरू कर दिए थे. इसी बीच तुलसीपीठाधीश्वर रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में शंकराचार्य के खिलाफ अर्जी लगा दी. इसमें उन्होंने बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाया था. इसी अर्जी के आधार पर कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे. इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए शंकराचार्य ने हाईकोर्ट की शरण ली. जहां से उन्हें बड़ी राहत मिली है.