दालमंडी में ध्वस्तीकरण फिर से शुरू, 30 मकानों पर चल रहा बुलडोजर; इलाका छावनी में तब्दील
वाराणसी की दालमंडी में चौड़ीकरण अभियान फिर से शुरू हो गया है. इसके तहत एक साथ तीस भवन ढहाए जा रहे हैं. इलाके में भारी पुलिस तैनात है. यह परियोजना काशी विश्वनाथ धाम तक तीर्थयात्रियों की पहुंच बेहतर बनाने के लिए है. दालमंडी प्रोजेक्ट को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है.
वाराणसी के दालमंडी में ईद के बाद चौड़ीकरण अभियान रविवार को फिर से शुरू हुआ. आज दालमंडी में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई चल रही है. एक साथ तीस भवनों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है. ज्यादातर मकान सीके सीरीज़ वाले हैं. चूंकि बड़ी कार्रवाई है इसलिए पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है और ड्रोन से निगरानी की हो रही है.
PWD के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर केके सिंह ने बताया की सभी 30 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है और मुआवजा लिया जा चुका है. आज के तीस मकानों को जोड़ लिया जाए तो करीब 50 मकानों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. 50 मकान मालिक रजिस्ट्री के लिए हमारे सम्पर्क में हैं. आने वाले दो हफ्तों में करीब 100 मकानों पर हम कार्रवाई पूरी कर लेंगे.
176 लोगों को 32 करोड़ रुपये का मिला मुआवजा
PWD इंजीनियर केके सिंह का कहना है कि मई के दूसरे हफ़्ते से दालमंडी प्रोजेक्ट का लुक सामने आ जाएगा. तीस जून तक हम ये प्रोजेक्ट पूरा कर लेंगे. उन्होंने बताया कि अबतक विभाग की तरफ से 176 लोगों को 32 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा दिया गया है. वहीं, मकानों को गिराने का काम शुरू है, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है.
एसीपी अतुल अंजान ने कहा कि आज की कार्रवाई चूंकि बड़ी कार्रवाई है, इसलिए पारा मिलिट्री फ़ोर्स के साथ-साथ कई थानों की फ़ोर्स भी लगाई गई है. पूरे इलकों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है. कुछ जगह से मलवा हटाने और निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर का भी प्रयोग किया गया है. उन्होंने बताया कि, फिलहाल कार्रवाई निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है.
220 करोड़ का प्रोजेक्ट, 187 इमारत होंगे ध्वस्त
वहीं, आज की कार्रवाई से लोगों में नाराज़गी है, लेकिन मुखर होकर कोई इसका विरोध नहीं कर रहा है. लोगों ने कहा कि पहले दिन से हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन कोई हमारा सुनने वाला नहीं है. 29 अक्टूबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई थी आज कार्रवाई को पांच महीने पूरे हो गए हैं. हमारे हाथ जोड़कर विनती करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है.
दालमंडी प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2025 को हरी झंडी मिली थी. इसपर 220 करोड़ रुपये खर्च हो रही है. इससे संकरी गली को 650 मीटर लंबी और 17.4 मीटर चौड़ीकरण होगा. इसमें 195 करोड़ रुपये मुआवजा के तौर पर दिया जाएगा, जबकि 22 करोड़ की लागत से सड़क को खूबसूरत बनाया जाएगा. इसमें 187 इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा.
