बनारस में डॉक्टर पुत्र का पाकिस्तान कनेक्शन! IB संग UP और महाराष्ट्र ATS ने की पूछताछ; जानें क्या मिला

बनारस में एक डॉक्टर का बेटा अबू बकर आतंकी गतिविधियों के संदेह में एटीएस की रडार पर है. उस पर कश्मीरी हैंडलर और पाकिस्तान से संचालित व्हाट्सएप ग्रुपों से जुड़ने और टेरर फंडिंग में शामिल होने का आरोप है. मंगलवार को यूपी, महाराष्ट्र एटीएस और आईबी ने उससे आठ घंटे तक पूछताछ की. मोबाइल व लैपटॉप जब्त कर लिए गए हैं. आगे की जांच जारी है.

बनारस में एटीएस का एक्शन Image Credit:

मेरठ, मुरादाबाद, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा लखनऊ में आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब भगवान शिव की नगरी काशी भी एटीएस की रडार पर है. मंगलवार की सुबह आईबी और महाराष्ट्र एटीएस की टीम यूपी एटीएस के साथ अचानक बनारस पहुंची. इन टीमों ने बनारस के आदमपुर थानांतर्गत पठानी टोला में रहने वाले एक डॉक्टर और उसके बेटे को हिरासत में लेकर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की.

जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले डॉक्टर आरिफ का बेटा अबू बकर नीट की तैयारी कर रहा है. आरोप है कि अबू बकर के कनेक्शन कश्मीरी हैंडलर के साथ हैं. यही नहीं, वह पाकिस्तान से संचालित होने वाले कई वाट्सएप ग्रुपों में भी है. बताया जा रहा है कि अबू बकर टेरर फंडिंग के काम में लगा था. आरोप है कि इससे संबंधित इनपुट को महाराष्ट्र एटीएस ने डिकोड किया है और इसी इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस व आईबी की टीम के साथ मिलकर यह कार्रवाई की है.

आठ घंटे तक हुई कड़ी पूछताछ

बताया जा रहा है कि यह संयुक्त टीम सुबह 10 बजे पहुंची और करीब आठ घंटे तक पूछताछ के बाद वापस लौट गई. इस दौरान टीम ने अबू बकर और उसके पिता के मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं कुछ दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन एटीएस की टीमें मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर सुराग तलाशने की कोशिश कर रही हैं. ऐसे में 19 साल के छात्र अबु बकर और उसके पिता को महाराष्ट्र एटीएस ने 22 अप्रैल को हाजिर होने को कहा है. बताया जा रहा है कि इनसे दोबारा पूछताछ होगी.

क्या बोले लोग?

डॉ. आरिफ के पड़ोसियों ने बताया कि डॉक्टर का बेटा अबु बकर मेडिकल की तैयारी करता है. वह बेहद शालीन और पढ़ने लिखने में होशियार है. कभी किसी झगड़े या विवाद में नहीं पड़ा. स्थानीय लोग हैरान हैं कि आखिर ये कैसे कश्मीरी हैंडलर या पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के संपर्क में आया. अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि लखनऊ में पकड़े गए आतंकियों से मिले इनपुट के बाद से ही अबू बकर एजेंसियों की रडार पर था.

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