काशी में गंगा का रौद्र रूप! 6-7 सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रहा पानी, नावों पर रोक; NDRF तैनात

वाराणसी में गंगा का जलस्तर 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेजी से बढ़ रहा है. महज 12 घंटे में लगभग तीन फीट जलस्तर बढ़ा है. सुरक्षा को देखते हुए नौका संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. केंद्रीय जल आयोग ने अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट किया है.

वाराणसी में गंगा का जलस्तर 6 सेमी/घंटा बढ़ा: नाव संचालन रोका गया Image Credit:

वाराणसी में गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. नदी में बढ़ते पानी और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नौका संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. गंगा का जलस्तर करीब 6 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग ने अगले 48 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ाव का ट्रेंड बने रहने का अनुमान जताया है.

आयोग के मुताबिक, बीती रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 65.30 मीटर दर्ज किया गया. रविवार को 12 घंटे में लगभग तीन फीट जलस्तर बढ़ा है. जलस्तर में करीब 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार वृद्धि हो रही है. वाराणसी में गंगा की चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है. पुलिसकर्मी लगातार नदी के किनारे निगरानी कर रहे हैं.

मणिकर्णिका घाट पर छत पर होने लगा अंतिम संस्कार

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब वाराणसी के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट स्थित शवदाह स्थल भी पानी की चपेट में आने लगे हैं. मणिकर्णिका घाट पर कई चिताएं पानी में डूब गई हैं, जिसके बाद अब छत पर शवदाह किया जा रहा है. वहीं हरिश्चंद्र घाट पर सोमवार से गलियों में शवदाह किए जाने की बात है.

गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों पर आने वाले लोगों को भी सावधान किया जा रहा है. पुलिसकर्मी लगातार नदी के किनारे निगरानी कर रहे हैं, ताकि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर जोखिम न उठाए. स्थानीय पुलिस की टीमों के साथ NDRF को भी घाटों पर तैनात किया गया है.

नाव संचालन पर रोक, नाविकों की बढ़ी चिंता

रविवार देर रात गंगा का पानी शीतला मंदिर के आसपास तक पहुंच गया. घाटों पर बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है. गंगा में तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नौका संचालन को अग्रिम आदेश तक बंद कर दिया गया है. इससे नाविकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है.

प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए आने वाले घंटों में भी स्थिति पर नजर रखी जाएगी. प्रशासन की ओर से नाविकों और आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचने का जोखिम न उठाएं.

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