राजभर का दावा- ‘दिल्ली और लखनऊ में सब ठीक’, सपा सिर्फ अफवाह फैला रही है

यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ किया कि दिल्ली और लखनऊ के बीच कोई दरार नहीं है, योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने रहेंगे. इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अफवाहें फैलाने और अखिलेश यादव पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया है.

ओम प्रकाश राजभर (फाइल फोटो)

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल से सपा दिल्ली और लखनऊ में झगड़ा लगाने की कोशिश में है. जब वो इसमें सफल नही हुए तो अफवाह फैलाने लगे कि दिल्ली और लखनऊ में जबरदस्त दरार है.

राजभर ने कहा, ‘ये लोग अफवाह फैलाते हैं कि योगी जी को कभी भी सीएम पद से हटाया जा सकता है. एक महीने में योगी हटेंगे, छह महीने में हटेंगे, साल भर में हटेंगे… यह सुनते-सुनते पांच साल बीत गए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.’ उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और लखनऊ में ऑल इज वेल है, सीएम योगी के नेतृत्व में NDA सरकार फिर से आ रही है.

निशिकांत दुबे के बयान का भी किया समर्थन

ओमप्रकाश राजभर ने ये बयान वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में दिया, जब उनसे पूछा गया कि अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘SIT जांच महज खानापूर्ति है, ये दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई है.’ इस दौरान राजभर ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के अखिलेश यादव और टिन्नू के बीच बातचीत वाले बयान का भी समर्थन किया.

राजभर ने कहा कि यदि सांसद ने इतना बड़ा दावा किया है तो उनके पास अखिलेश यादव और टिन्नू यादव में बातचीत का सबूत है. उन्होंने कहा, ‘अखिलेश यादव एसआईटी जांच पर बयान बाद में दें, पहले तो ये बताएं कि हर अपराध में इनके लोगों का इन्वॉल्वमेंट क्यों रहता है? साथ ही आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं के व्यवहार से लोगों में भय बनता है.

‘इस जन्म में मुख्यमंत्री बनने की बात भूल जाएं’

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अपने लोगों और कार्यकर्ताओं को भईया के सत्ता में सट्टा सटा के उठा लेब रे ‘
जैसे गाने ना गाएं लोगों में सपा के कार्यकर्ताओं से डर बढ़ रहा है. राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनने का सपना छोड़ देना चाहिए. ‘इस जन्म में मुख्यमंत्री बनने की बात भूल जाएं और बेवजह बयानबाजी न करें.’

उन्होंने यह भी कहा कि ‘उनको ये बात नही भूलनी चाहिए कि 500 साल के संघर्ष के बाद राम मंदिर बना है. करोड़ों लोगों की आस्था वहां से जुड़ी है इसलिए अखिलेश यादव करोड़ों लोगों की आस्था से खिलवाड़ ना करें. एसआईटी जांच चल रही हैं इस मामले के कई आरोपी जेल जा चुके हैं और जो बचे हैं उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगा.’

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