रेड कॉर्नर नोटिस के बाद कफ सिरप माफिया शुभम पर कैसे कसा जाएगा शिकंजा? वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने बताया
नशीले कफ सिरप मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अब अंतर्राष्ट्रीय भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. उस पर एनडीपीएस के दस मामले हैं. शुभम जायसवाल पर वाराणसी, जौनपुर, सोनभद्र और गाज़ियाबाद में ये मुकदमे दर्ज हैं. उसकी और उसके पिता भोला जयसवाल की सौ करोड़ से ज़्यादा की सम्पत्ति की कुर्की हो चुकी है. अब रेड कॉर्नर नोटिस के बाद पुलिस उसकी दुबई में गिरफ्तारी कर भारत प्रत्यर्पण कराने की कोशिश में है.
कोडीन कफ सिरप तस्करी के किंगपिन शुभम जयसवाल के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है. ऐसे में दुबई में छिपे शुभम की जल्द गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की संभावनाएं बढ़ गई है. शुभम ने फर्जी फर्मों के जरिए नशे के रूप में कोडीन कफ सिरप बेचने का आरोपी है. यह कारोबार करीब 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है. इस मामले में शुभम और उसके पिता की 45 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी.
19 नवंबर 2025 को थाना रोहनिया इलाके भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप बरामद हुआ था, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था. साथ ही 12 फरवरी को मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इसका मुख्य आरोपी शुभम जयसवाल को बनाया गया था. इस मामले में शुभम के कई साथियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब इस मामले में शुभम के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी होने के बाद आगे क्या होगा, पुलिस क्या रणनीति अपनाएगी, इसको लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से टीवी9 ने खास बातचीत की है.
सवाल : रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब इस मामले में आगे क्या होगा?
जवाब : पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि शुभम जायसवाल के ख़िलाफ पहली एफआईआर 4 नवंबर को ग़ाज़ियाबाद में हुई थी और उसके अगले ही दिन वो दुबई भाग गया था. तभी से ये वांटेड चल रहा था.वाराणसी में चार मुकदमे दर्ज हैं और सभी में चार्जशीट लग गई है.हमने सीबीआई को रेड कॉर्नर नोटिस के लिए रिक्वेस्ट भेजा था वो एक्सेप्ट हो गई है. इसका मतलब है कि सभी देशों को ये अधिकार दे दिया गया है कि जहां भी ये दिखे वहां की सरकार को इसके प्रोविजनल अरेस्टिंग की पावर है.शुभम जायसवाल की तस्वीर और डिटेल इंटरपोल की वेबसाइट पर अपलोड हो गई है. अभी हमारी जानकारी के मुताबिक ये दुबई में है और इसके अरेस्टिंग के लिए हमारी वहां के अधिकारियों से बातचीत चल रही है.
सवाल : शुभम जायसवाल के खिलाफ कई जिलों में एफआईआर है तो गिरफ्तारी के बाद इससे पूछताछ कौन करेगा?
जवाब : पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि देखिए हमारी ही रिक्वेस्ट पर ये रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ है और ये स्पष्ट लिखा है कि रोहनिया थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में इसकी तालाश है. तो इसकी गिरफ्तारी के बाद एक प्रोसेस होता है. प्रोसेस के थ्रू ये प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया जाएगा. इसके बाद हम कोर्ट से इसकी रिमांड मांगेंगे. और फिर इससे पूछताछ होगी.
दो हज़ार करोड़ के कोडिन युक्त कफ सिरप के मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के ख़िलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस जारी करते हुए उसको अंतर्राष्ट्रीय भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. इस मामले में पांच महीने तक चली जांच के बाद 39 हज़ार पन्नों का आरोप पत्र तैयार किया गया है. यूपी, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक कफ सिरप का ये अवैध कारोबार फैला हुआ था. बांग्लादेश और नेपाल तक इस सिरप की सप्लाई होती थी.
सोनभद्र से हुई थी पहली गिरफ्तारी
इस मामले में यूपी के सोनभद्र से हुई पहली गिरफ्तारी के बाद से इस कारोबार की कड़ियां खुलनी शुरू हुईं जो अब तक जारी है. 18 नवंबर 2025 को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर के द्वारा और फिर 9 दिसंबर 2025 को यूपी सरकार की तरफ से इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया. आईजी लॉ एन्ड आर्डर एलआर कुमार इसके प्रमुख बनाए गए थे.
शुभम के ख़िलाफ कितने मामले?
कफ सिरप मामले में पहले से गिरफ्तार भोला प्रसाद जायसवाल का बेटा और मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अब अंतर्राष्ट्रीय भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. इस पर एनडीपीएस के दस मामले हैं. शुभम जायसवाल पर वाराणसी, जौनपुर, सोनभद्र और गाज़ियाबाद में ये मुकदमे दर्ज हैं. शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल और शुभम जायसवाल की सौ करोड़ से ज़्यादा की सम्पत्ति की कुर्की हो चुकी है.
शुभम के ख़िलाफ कब क्या-क्या हुई कार्रवाई
- 19 नवंबर को रोहनिया में 500 पेटी से ज़्यादा कफ सिरप बरामद, मुकदमा दर्ज
- 22 जनवरी एनबीडब्लू जारी
- 24 फरवरी कुर्की की नोटिस और उद्घोषणा
- 26 फरवरी को घर पर नोटिस चस्पा
- 27 फरवरी को अख़बारों में इशतेहार
- 30 मार्च को अदालत ने कोर्ट में उपस्थित होने का अंतिम मौका दिया
- 1 अप्रैल को अदालत में पेश ना होने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया
- 5 अप्रैल को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया
- 9 अप्रैल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ……
एसआईटी जांच में क्या आया सामने?
एसआईटी जांच में सामने आया कि कफ सिरप के इस काले धंधे में हवाला के जरिए पैसे का मैनेजमेंट होता था. कफ सिरप की काली कमाई का पैसा शराब, होटल और दूसरे व्यवसायों में लगाया जाता था. शराब के ठेके हासिल किए जाते थे और दूसरे तरह के व्यवसाइयों के साथ मिलकर हवाला के जरिए पैसा लगवाया जाता था. इस अवैध कारोबार से जुड़े अब तक 90% लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.