CBI की बड़ी कार्रवाई: वाराणसी में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुए वरिष्ठ रेल अधिकारी

वाराणसी में सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस मंडल में तैनात वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक नितेश अग्रवाल को कथित रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई रेलवे के एक ठेकेदार की शिकायत पर की गई. सीबीआई ने अधिकारी के सरकारी आवास पर ट्रैप बिछाकर गिरफ्तारी की और वहां तलाशी लेकर दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए.

वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक नितेश अग्रवाल गिरफ्तार

वाराणसी से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की लखनऊ टीम ने पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस मंडल में तैनात वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक नितेश अग्रवाल को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने यह कार्रवाई रेलवे को सामान की आपूर्ति करने वाले एक ठेकेदार की शिकायत पर की. गिरफ्तारी के बाद अधिकारी के सरकारी आवास की तलाशी ली गई और उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई.

जानकारी के अनुसार, रेलवे को सामग्री की आपूर्ति करने वाले संदीप नामक ठेकेदार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि वरिष्ठ रेल अधिकारी नितेश अग्रवाल किसी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की लखनऊ इकाई ने मामले का सत्यापन किया और आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई. गिरफ्तार करने के बाद अब उन्हें लखनऊ ले जाकर सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया गया जाल

निर्धारित योजना के तहत ठेकेदार को रिश्वत की रकम लेकर अधिकारी के पास भेजा गया. जैसे ही अधिकारी ने कथित रूप से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने उन्हें उनके सरकारी आवास से रंगेहाथ पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों ने नितेश अग्रवाल के सरकारी आवास की गहन तलाशी ली. इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई.

अधिकारियों ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि कहीं रिश्वतखोरी या खरीद प्रक्रिया से जुड़ी कोई अन्य अनियमितता तो नहीं हुई है. सीबीआई ने अधिकारी के परिजनों से भी आवश्यक पूछताछ की और मामले से संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई. जांच एजेंसी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है.

डीआरएम कार्यालय भी पहुंची सीबीआई टीम

कार्रवाई के दौरान CBI की एक अन्य टीम पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस रेल मंडल मुख्यालय (डीआरएम कार्यालय) भी पहुंची. हालांकि कार्यालय बंद होने के कारण वहां विस्तृत जांच नहीं हो सकी. इसके बावजूद टीम ने विभाग के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ कर खरीद प्रक्रिया, टेंडर और सामग्री आपूर्ति से संबंधित प्रारंभिक जानकारी एकत्र की. जांच का फोकस इस बात पर भी है कि कहीं खरीद और आपूर्ति से जुड़े अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका तो संदिग्ध नहीं है.

खरीद और टेंडर प्रक्रिया पर पूछे गए सवाल

गिरफ्तारी के बाद नितेश अग्रवाल से कई घंटों तक पूछताछ की गई. इस दौरान रेलवे में सामग्री खरीद, टेंडर प्रक्रिया, आपूर्ति अनुबंध और भुगतान प्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे गए. सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत किसी एक मामले तक सीमित थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था. एजेंसी विभिन्न ठेकेदारों के साथ हुए लेन-देन और हाल के टेंडरों की भी जांच कर सकती है.

लखनऊ ले गई सीबीआई, अदालत में होगी पेशी

पूछताछ पूरी होने के बाद सीबीआई टीम गिरफ्तार अधिकारी को अपने साथ लखनऊ ले गई. उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत (कोर्ट संख्या-5) में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो गया है. रेलवे के संबंधित विभागों से रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की हर कड़ी को खंगाल रही हैं.

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