दालमंडी चौड़ीकरण के दौरान यहां की इन 6 मस्जिदों का क्या होगा? प्रशासन ने बताया अपना प्लान

दालमंडी में चौड़ीकरण के काम को लेकर बुलडोजर एक्शन की शुरुआत हो गई. इसके साथ ही इस इलाके में मौजूद आधा दर्जन मस्जिदों पर भी खतरा मंडराने लगा है. ऐसे में आइए जानते प्रशासन ने इसको लेकर क्या फैसला लिया है.

दालमंडी चौड़ीकरण

दालमंडी प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश के बाद चौड़ीकरण अभियान में बुलडोजर की एंट्री हो गई है. सबसे पहले नई सड़क से दालमंडी की ओर जाने वाली गली के मुहाने पर खड़े तीन मंजिला मकान C 1/24 को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई. दालमंडी में ध्वस्तीकरण के लिए पहली बार बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया है.

बता दें कि C 1/24 नाम के मकान के मालिक मुख़्तार अहमद खान के नाम के शख्स हैं. इस मकान को वीडीए ने अवैध घोषित किया था. इस कार्रवाई के साथ ही अब तक कुल दस भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है. जबकि पचीस से ज़्यादा लोगों ने रजिस्ट्री करा ली है. वहीं, तकरीबन बीस से ज़्यादा लोग रजिस्ट्री के लिए सम्पर्क में हैं.

इन जगहों पर हो चौड़ीकरण

इस पर केके सिंह ने कहा कि वाराणसी में हम पांच अलग अलग जगहों पर चौड़ीकरण करा रहे हैं. पाण्डेयपुर से रिंग रोड, लहरतारा से बीएचयू, मोहनसराय रोड, पड़ाव से टेंगरा मोड़ और दालमंडी प्रोजेक्ट. अभी तक कहीं भी धार्मिक स्थलों को लेकर कोई समस्या नही आई है. यहां भी नही आएगी. सेंसेटिव मामलों में हम मामले की जानकारी हम आला अधिकारियों को दे देते हैं. फिर जैसा निर्देश आता है वैसे उसका पालन करते हैं.

अब तक चौड़ीकरण के मार्ग में जो भी धार्मिक स्थल आए हैं. उनको वहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. उच्च अधिकारियों से जैसा निर्देश आएगा वैसा फैसला लिया जाएगा. मस्जिदों को लेकर एलाइनमेंट या विस्थापन ये ऊपर से मिले निर्देश के बाद ही तय होगा.

मस्जिदों को विस्थापित कहां करेंगे?

केके सिंह ने कहा कि अगर कोई सरकारी जमीन मिलती है तो हम उस जमीन पर मस्जिदों को शिफ्ट करेंगे. इसके अलावा अगर कोई प्राइवेट व्यक्ति जगह देने को तैयार होता है तो वहां भी इन्हें शिफ्ट किया जा सकेगा. इससे जुड़े सारे फैसले उच्च अधिकारी ही करेंगे.

वहीं इस मसले पर अंजुमन इंतज़ामिया मसाजिद कमिटी के जॉइंट सेक्रेटरी मोहम्मद यासीन ने कहा ‘किसी भी कीमत पर मस्जिद नही देंगे ‘. दालमंडी प्रोजेक्ट पूरा हो या ना हो हम अपनी मस्जिदें नहीं देंगे. प्रशासन लाख दबाव बना ले या बुलडोजर से डराये लेकिन हम अपना फैसला नहीं बदलेंगे.

दालमंडी के चौड़ीकरण की जद में जो 6 मस्जिदें

जानकारी के मुताबिक करिमुल्ला बेग,संगेमरमर मस्जिद अली रज़ा मस्जिद,रंगीले शाह मस्जिद,निसारन मस्जिद और लंगड़े हाफ़िज़ मस्जिद आ रहे हैं. चौक से दालमंडी की ओर जाते समय करिमुल्ला बेग मस्जिद जबकि नई सड़क से चौक की तरफ जाने पर लंगड़े हाफ़िज़ मस्जिद मुहाने पर खड़ी है. इसका सीधा मतलब है कि बिना मस्जिदों को शिफ्ट किए ये प्रोजेक्ट पूरा होगा नहीं.