मां विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्र में लगी आग, समय रहते टला बड़ा हादसा

मिर्जापुर के विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में बुधवार सुबह दानपात्र में आग लगने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मंदिर के निकास द्वार के पास रखे विंध्य विकास परिषद के 18 नंबर दानपात्र से धुआं उठता देख श्रद्धालुओं ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

आग को बुझाते पुलिसकर्मी Image Credit:

मिर्जापुर के विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंदिर परिसर में रखे दानपात्र से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया. देखते ही देखते श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. मंदिर के निकास द्वार के नीचे सीढ़ियों के पास रखे विंध्य विकास परिषद के 18 नंबर दानपात्र में सुबह करीब 10 बजे आग लग गई.

दानपात्र से धुआं उठता देख श्रद्धालुओं ने इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दी. सूचना मिलते ही एसआई सुजीत कुमार पांडेय और उनके सहयोगी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और अग्निशमन यंत्र की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आग फैलने से पहले ही पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई. घटना में किसी श्रद्धालु को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही मंदिर परिसर को कोई बड़ा नुकसान हुआ.

कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच दहशत का माहौल जरूर बन गया. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि किसी श्रद्धालु ने जलती हुई अगरबत्ती दानपात्र में या उसके आसपास रख दी थी, जिससे अंदर मौजूद कागज और अन्य सामग्री ने आग पकड़ ली. दानपात्र में बड़ी मात्रा में चढ़ावा और कागजी सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल सकती थी, लेकिन समय रहते उसे बुझा लिया गया. घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में हर समय सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहती है, इसके बावजूद ऐसी घटना होना चिंता का विषय है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी की जा रही है और इसी वजह से आग की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई संभव हो सकी. विंध्य धाम चौकी प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि दानपात्र में लगी आग को समय रहते बुझा लिया गया और किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है.

श्रद्धालुओं से अपील की कि मंदिर परिसर में अगरबत्ती और दीपक केवल निर्धारित स्थानों पर ही जलाएं. सुरक्षा कारणों से किसी भी अन्य स्थान पर अगरबत्ती या दीपक जलाने से बचें. मां विंध्यवासिनी धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. फिलहाल पुलिस और मंदिर प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं.

Follow Us