करवट बदलते काटी रात, सजा सुनकर दो रातों से सो नहीं पाए चित्रकूट के हैवान; बांदा जेल में मिली नई पहचान

चित्रकूट के हैवानों रामभवन और उसकी बीवी दुर्गावती को बच्चों के यौन शोषण और इसका वीडियो डार्कवेब पर 47 देशों में बेचने के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है. सजा के बाद बांदा जेल में उनकी रातें बेचैनी में कटीं और वे सो नहीं पाए. अब उन्हें जेल में नई पहचान मिली है. रामभवन कैदी नंबर 40 और दुर्गावती को कैदी नंबर 41 के रूप में जाना जाएगा.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद चित्रकूट के हैवानों को फांसी की सजा होने के बाद पूरी रात नींद नहीं आई. अपने बैरक में दोनों ने करवट बदलते ही पूरी रात काटी. पहली रात तो दोनों बिना कुछ खाए सोए, लेकिन शनिवार की सुबह और रात में दोनों ने भरपेट खाना खाया. जेल सूत्रों के मुताबिक दोनों किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं. सजा होने के बाद दोनों को अब नई पहचान मिली है. जेई रामभवन अब कैदी नंबर 40 के नाम से जाना जाएगा. वहीं उसकी बीवी दुर्गावती की पहचान कैदी नंबर 41 के रूप में होगी.

जेल सूत्रों के मुताबिक रामभवन को पुरूष बैरक नंबर तीन में रखा गया है. वहीं दुर्गावती महिला बैरक नंबर 13 में रहकर फांसी होने का इंतजार करेगी. इन दोनों को बांदा की पॉक्सो कोर्ट ने बीते शुक्रवार को ही फांसी की सजा सुनाई है. जेल प्रबंधन के मुताबिक दोनों की स्थिति सामान्य होने पर दोनों की काउंसलिंग कराई गई है. अब इन्हें फांसी लगने तक जेल की बैरक में रहना होगा और जेल मैन्यूअल के मुताबिक इन्हें जेल में रहने के दौरान काम भी करना होगा.

गहराया ‘विभीषण’ का रहस्य

34 बच्चों के यौन शोषण और इसका वीडियो बनाकर प्रतिबंधित वेबसाइट डार्कवेब पर 47 देशों में बेचने वाले जेई रामभवन लंबे समय से यह काम कर रहा था, लेकिन अचानक उसकी गरदन सीबीआई ने दबोच ली. इसके पीछे किसी विभीषण की भूमिका होने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि रामभवन के किसी खास व्यक्ति ने ही सीबीआई को अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव उपलब्ध कराई. जिसकी वजह से इस हैवान दंपत्ति को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सका है. हालांकि सीबीआई ने इस व्यक्ति का नाम अब तक उजागर नहीं किया है.

खुद को बेगुनाह बताता रहा हैवान

केस डायरी के मुताबिक सीबीआई ने जेई रामभवन और उसकी बीवी दुर्गावती से कुल 79 सवाल पूछे थे. इन सभी सवालों के जवाब में वह सीबीआई को लगातार गुमराह करता रहा और खुद को बेगुनाह बताया. हालांकि इन्हीं सवालों में उलझकर उसने सच्चाई भी कबूल की. सीबीआई की पूछताछ में रामभवन ने अपने बहनोई राम निरंजन पर उसे रंजिशवस फंसाने का आरोप लगाया. दुर्गावती ने भी कहा कि उसके नंदोई ने ही उसे उसके पति को फंसाया है.

यह है मामला

इंटरपोल को एक इनपुट मिला था, जिसमें कहा गया था कि चित्रकूट में जेई रामभवन और उसकी बीवी दुर्गावती डार्कवेब पर बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो 47 देशों में बेच रहे हैं. इंटरपोल ने यह इनपुट सीबीआई को दिया. इसके बाद हरकत में आई सीबीआई ने बांदा के गेस्ट हाउस में डेरा डाल दिया. इसी दौरान मामले की जांच करते हुए सीबीआई ने साल 2020 में रामभवन और उसकी बीवी को अरेस्ट कर लिया. बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने सीबीआई को एक पेन ड्राइव उपलब्ध करा दी, जिसमें इन हैवानों का पूरा कच्चा चिट्ठा था.

जानवरों से भी गए गुजरे निकले ये हैवान

सीबीआई की जांच में ये हैवान दंपत्ति जानवरों से भी गए गुजरे निकले. इनके शिकार बच्चों ने पहले सीबीआई को दिए बयान और फिर कोर्ट में गवाही के दौरान बताया कि कभी रामभवन उनके साथ कुकर्म करता तो दुर्गावती वीडियो बनाती थी. वहीं कई बार खुद दुर्गावती उनके साथ संबंध बनाती तो रामभवन वीडियो बनाता था. इन बच्चों ने बताया कि अक्सर दोनों हैवान उनके सामने ही निर्वस्त्र हो जाते और संबंध बनाने लगते थे.

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