वाह रे UP पुलिस! चोरी हुआ था घाघरा, बरामद कर लाई लहंगा; चोर को पकड़ कर दी ऐसी सजा कि…
जौनपुर में घाघरा चोरी मामले में यूपी पुलिस ने लहंगा बरामद किया है. आरोप है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अजीत गौतम को पुलिस ने चार दिन तक लॉकअप में रखा और बुरी तरह से मारपीट की. इसके बाद उसे जेल भेजा, जहां अगले ही दिन उसकी मौत हो गई. मृतक के पिता ने पुलिस पर 1 लाख रुपये मांगने और मारपीट का आरोप लगाया है.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. यहां पुलिस ने घाघरा चोरी की शिकायत मिलने पर लहंगा बरामद कर लिया. वहीं चोरी के आरोप में जिस व्यक्ति को पकड़ा, उसे ऐसी सजा दी कि 24 घंटे में ही उसकी मौत हो गई. मृत युवक के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कहा कि पुलिस ने उनके बेटे को अरेस्ट करने के बाद एक लाख रुपये मांगे थे. चूंकि इतने पैसे जुटाने की उनकी औकात ही नहीं थी, इसलिए पुलिस ने उनके बेटे के साथ मारपीट कर उसे जेल भेज दिया, जहां उसकी मौत हो गई.
मामला जौनपुर के सरपतहां थाना क्षेत्र में महमूदपुर गांव का है. यहां रहने वाले बनवारी गौतम के छोटे बेटे अजीत गौतम को पिछले दिनों पुलिस ने चोरी का आरोप में अरेस्ट किया था. इस संबंध में पड़ोस के गांव राजधरपुर निवासी कमल कुमार ने पुलिस में शिकायत दी थी. आरोप लगाया था कि उसके घर में घुसकर किसी ने लाल कलर का लहंगा और काले रंग का घाघरा चोरी कर लिया है. चोर ने जाते जाते उसके घर से पांच हजार नकदी, जेवरात और पर्स आदि भी चोरी कर लिए.
ऐसे दिखाई बरामदगी
पुलिस ने शिकायत दर्ज की और आनन फानन में महमूदपुर गांव में रहने वाले अजीत गौतम को उठा लिया. पुलिस ने अजीत के पास से लहंगा भी बरामद कर लिया. यही नहीं, निशानदेही के नाम पर पुलिस अजीत को नहर के पास ले गई और उसकी जेब में जेवर रखकर वीडियो बना लिया और इसे भी बरामदगी दिखा दी. फिर 19 फरवरी को उसकी अरेस्टिंग दिखाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. जहां संदिग्ध परिस्थितियों में अजीत की मौत हो गई.
पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पिता बनवारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कहा कि 15 फ़रवरी की रात करीब 3 बजे पुलिस ने उनके बेटे को घर से उठाया था. चार दिन तक पुलिस ने उसे लॉकअप में रखकर बुरी तरह से मारपीट की और 19 फरवरी को उसे अदालत में पेश किया. इस दौरान उसने अपने बेटे को छुड़ाने की खूब कोशिश की, लेकिन पुलिस ने छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग कर दी. यह पैसा नहीं दे पाने की स्थिति में बेटे को जेल भेज दिया गया. अगले ही दिन 20 फरवरी की रात करीब 9 बजे उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि उनके बेटे की मौत हो गई है.
हैरान कर देगा पुलिस का खेल
पुलिस ने इस मामले में बड़ा खेल किया है. दरअसल एफआईआर में लिखा है कि सोने चांदी के जेवरात, पांच हजार नकदी, लाल लहंगा, काला घाघरा और पर्स चोरी हुआ है. पुलिस ने वारदात के खुलासे के बाद जो प्रेसनोट जारी किया, उसमें बताया है कि काले रंग के घाघरे की जगह काले रंग का लहंगा बरामद हुआ है. इस बरामदगी पर तरह तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. अजीत के पिता बनवारी के मुताबिक वह और उसका पूरा परिवार मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं.