रिटायर्ड वन दरोगा का फर्जीवाड़ा, प्रेमिका को पत्नी बनाकर बेच दी करोड़ों की जमीन; बेटे ने भिजवाया जेल

इटावा में एक चौंकाने वाला जमीन फर्जीवाड़ा सामने आया है. सेवानिवृत्त वन दरोगा ने अपनी मृत पत्नी की करोड़ों की जमीन प्रेमिका को फर्जी पत्नी बताकर बेच दी. उसने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए. बेटे की शिकायत पर पुलिस ने दरोगा और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया है.

इटावा में रिटायर्ड वन दरोगा का फर्जीवाड़ा Image Credit:

इटावा में जमीन के बड़े फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है. रिटायर्ड वन दरोगा ने अपनी प्रेमिका को पत्नी बताकर करोड़ों की जमीन बेच दिया. जबकि रिटायर्ड दरोगा की पत्नी की काफी पहले मौत हो चुकी थी. आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाकर इस घटना को अंजाम दिया था और जमीन अलग-अलग लोगों के नाम पर कर दी गई.

रिटायर्ड वन दरोगा के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सेवानिवृत्त दारोगा और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. रिटायर्ड वन दरोगा ने साढ़े बारह बीघा जमीन साल 2022 से 2024 के बीच बेची है, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कृषि भूमि और प्लाट धोखाधड़ी से बेच दिए

यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सराय एसर गांव से जुड़ा है. गांव निवासी अनिल कुमार ने 24 अगस्त 2025 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पिता सेवाराम ने उसकी दिवंगत मां सुमन देवी के नाम दर्ज कृषि भूमि और कुछ प्लाट धोखाधड़ी से बेच दिए. उनका कहना है कि ये जमीन कानून उनके बेटों के नाम होनी चाहिए.

शिकायतकर्ता अनिल कुमार का कहना है कि मां की मौत के बाद यह जमीन कानूनी रूप से बेटों की होनी चाहिए थी, लेकिन पिता ने महिला मित्र के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और जमीन हड़पने का प्रयास किया. जांच में सामने आया कि सेवाराम ने मैनपुरी जिले के थाना एलाऊ क्षेत्र की रहने वाली मीना देवी से जमीन बिकवाई है.

दोनों को मोतीझील चौराहे से गिरफ्तार किया गया

रिटायर्ड वन दरोगा ने मीना देवी को अपनी पत्नी सुमन देवी बताकर फर्जी पहचान पत्र तैयार कराए. इसी फर्जी पहचान के आधार पर आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए गए और फिर मां के नाम दर्ज जमीन का बैनामा अलग-अलग लोगों के नाम कराया गया. सेवाराम वर्ष 2018 में मैनपुरी के किशनी रेंज से वन विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे.

बताया गया है कि सेवानिवृत्त के बाद ही इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया. वहीं, बेटे की शिकायत पर पुलिस ने मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. थाना प्रभारी सुनील कुमार के अनुसार विवेचना क्राइम इंस्पेक्टर राजा दुबे कर रहे थे. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को  मोतीझील चौराहे से गिरफ्तार किया.

फर्जी बैनामों पर अब अब अदालत फैसला करेगी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. थाना सिविल लाइन प्रभारी सुनील कुमार के अनुसार, फिलहाल जिस जमीन की बिक्री की गई है, उस पर बेटों का कब्जा बना हुआ है. फर्जी बैनामों को लेकर अंतिम फैसला अब अदालत करेगी. इस घटना के बाद लोग पारिवारिक फर्जीवाड़े को लेकर चर्चा कर रहे हैं.