पति बेकसूर, लेकिन सास-ननद ने फूंका… बहू के कातिलों का अब होगा ये हश्र
गाजीपुर में दहेज हत्या के एक जघन्य मामले में पांच साल बाद न्याय मिला है. बहू को जिंदा जलाने वाली सास को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है, जबकि मृतका के पति को बरी कर दिया गया. यह मामला 2020 में गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र में हुआ था, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को आग के हवाले कर दिया गया था.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में दहेज की आग में बहू को जिंदा जलाने वाली सास को उम्र कैद की सजा मिली है. इसी मामले में मृत महिला के पति को कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है. मामले की सुनवाई गाजीपुर की जिला अदालत में पांच साल तक चली. इस दौरान एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलख कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी सास को दोषी करार दिया और अब उसके लिए सजा सुनाई है.
मामला गाजीपुर में मरदह थाना क्षेत्र के दुर्गखुशी गांव का है. यहां रहने वाले वीरेंद्र गोड के पुत्री संध्या की शादी कासिमाबाद थाना क्षेत्र के देवली गांव में रहने वाले मनीष गोड के साथ साल 2015 में हुई थी. आरोप है कि शादी के बाद से ही विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. उसके ऊपर दहेज के रूप में ₹50000 लेकर आने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. चूंकि विवाहिता के मायके वालों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उसने मना कर दिया. ऐसे हाल में उसे खूब प्रताड़ित किया गया और 6 अक्टूबर 2020 को जिंदा जला दिया गया.
मौत से पहले का बयान बना अधार
केस डायरी के मुताबिक विवाहिता को आग में झोंकने के बाद सभी लोग फरार हो गए थे. ऐसे में पड़ोसियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान विवाहिता की मौत हो गई थी. मौत से पहले पुलिस ने विवाहिता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था. इसमें विवाहिता ने अपनी सास बिंदु देवी, देवर और नन्द के खिलाफ बयान दिए थे. हालांकि उसने अपने पति पर कोई आरोप नहीं लगाए थे. इस बयान के बाद ही विवाहिता की मौत हो गई थी.
जुवनाइल कोर्ट में देवर-ननद की पत्रावली
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक विवाहिता के बयान के आधार पर ही कोर्ट ने सुनवाई हुई और कुल 5 साल 3 महीने और 22 दिन की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया. इस मुकदमे में 10 गवाहों ने भी गवाही दी. इसके बाद कोर्ट में प्रमाणित हुआ कि विवाहिता को उसकी सास, देवर और ननद ने जलाया था. इसी आधार पर कोर्ट ने दोषी सास को उम्र कैद की सजा सुनाई है. चूंकि आरोपी देवर और ननद दोनों नाबालिक थे, इसलिए इन दोनों का पत्रावली जुवेनाइल कोर्ट को ट्रांसफर किया गया है.