फर्जी ऑयल कंपनी, नकली तेल; 25 लाख में बांट रहे थे फ्रेंचाइजी… UP-STF ने किया पेट्रोल पंप रैकेट का खुलासा
यूपी STF ने मैनपुरी में एक बड़े नकली पेट्रोल पंप गिरोह का भंडाफोड़ किया है. ये जालसाज मिलावटी डीजल-पेट्रोल बेचकर और फर्जी ऑयल कंपनी की फ्रेंचाइजी देकर करोड़ों की ठगी कर रहे थे. एसटीएफ ने इनके पास से भारी मात्रा में केमिकल युक्त ईंधन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
यूपी एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दबिश देकर फर्जी पेट्रोल पंप खोलकर नकली तेल बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के जालसाज मिलावटी डीजल और पेट्रोल बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगा चुके हैं. एसटीएफ ने गिरोह के दो सदस्यों को अरेस्ट कर लिया है. हालांकि अभी भी गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कई अन्य फरार हैं. एसटीएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है.
यूपी एसटीएफ के मुताबिक ये गिरोह न केवल बिना वैध अनुमति के पेट्रोल पंप संचालित कर रहे थे, बल्कि फर्जी ऑयल कंपनी खोलकर लोगों को फ्रेंचाइजी भी दे रहे थे. एसटीएफ ने मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर में इनके पेट्रोल पंप को सीज कर दिया है. एसटीएफ की नोएडा यूनिट में एडिशनल एसपी राज कुमार मिश्रा के मुताबिक आरोपियों की पहचान राधेश्याम निवासी फिरोजाबाद और अंकित यादव निवासी सलेमपुर जनपद मैनपुरी के रूप में हुई है.
कई साल से कर रहे थे धोखाधड़ी
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा के मुताबिक आरोपी कई साल से इस तरह की ठगी कर रहे थे. पुलिस ने इनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई की है और इनके साथियों को जेल भी भेजा है. बावजूद इसके, ये फर्जी पेट्रोलियम कंपनी के नाम से दस्तावेज तैयार कर लोगों को पेट्रोल पंप की फ्रेंचाइजी दे रहे थे. आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह यह काम साल 2020 से कर रहे हैं. शुरुआत में इन्होंने सीमित मात्रा में मिलावटी पेट्रोल और डीजल बेचा, लेकिन मोटा मुनाफा देख इन जालसाजों ने पूरे इलाके में नेटवर्क फैला लिया.
ऐसे हुआ खुलासा
इन जालसाजों द्वारा बेचे गए डीजल पेट्रोल से जब गाड़ियां खराब होने लगी तो इसकी शिकायतें मिलनी शुरू हुई. इन शिकायतों की जांच करते हुए एसटीएफ की टीम इनके अड्डे तक पहुंची है. जांच में पता चला है कि आरोपी सस्ते केमिकल और अपमिश्रित तेल को डीजल और पेट्रोल में मिलाकर बेच रहे थे. यही नहीं, आरोपियों ने फर्जी पेट्रोलियम कंपनियों के नाम पर कई लोगों को पेट्रोल पंप की एजेंसी दिलाने का भी झांसा दिया उनसे मोटी रकम वसूली है.
दो पेट्रोल पंप सीज
एसटीएफ के एडिशनल एसपी राज कुमार मिश्रा के मुताबिक छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी डीजल और पेट्रोल के अलावा मोबाइल फोन, नगदी और पेट्रोल पंप से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं. इसके साथ ही टीम ने दो फर्जी पेट्रोल पंप भी सीज किया है. इन आरोपियों के खिलाफ कुरावली थाना मैनपुरी में मुकदमा दर्ज कराया गया है. उन्होंने बताया कि आरोपी आरोपी खुद को आईओबीपी पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड और अंचन पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड तथा कई अन्य मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे.
25 लाख में देते थे फ्रेंचाइजी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उन्होंने अब तक करीब एक दर्जन से अधिक लोगों से पेट्रोल पंप की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी की है. इन लोगों से 10 लाख से लेकर 25 लाख तक की रकम भी वसूली गई है. पैसे लेने के बाद उन्हें झांसा दिया गया था कि जल्द ही उन्हें सरकारी मंजूरी मिल जाएगी और पंप चालू हो जाएगा. इसके बाद ना तो कोई लाइसेंस मिला और ना ही तेल की सप्लाई. कई मामलों में जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें धमकाया और उनसे संपर्क तोड़ लिया गया.