अमेजन जैसी पैकिंग और 30 मिनट में होम डिलिवरी… नोएडा में ऐसे हो रही थी गांजे की सप्लाई

नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से गांजा बेचते थे. प्रीमियम क्वालिटी का गांजा Amazon जैसी कंपनियों की पैकिंग का उपयोग कर होम डिलीवर किया जा रहा था. पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 3 सदस्यों को भारी मात्रा में गांजा के साथ गिरफ्तार किया है.

नोएडा में ऑनलाइन गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

नोएडा की सेक्टर-113 थाना पुलिस ने ऑनलाइन गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह ऑनलाइन ऐप्स के जरिए गांजा सप्लाई करते थे. पुलिस ने गैंग के सरगना समेत 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 100-100 ग्राम पैकेट में कुल 10 किलो गांजा बरामद हुए हैं. ये लोग कॉलेज, कॉरपोरेट ऑफिस के पास इसकी डिलवरी कर रहे थे.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर घर पर ही अमेज़ॉन और अन्य बड़ी कंपनियों जैसे दिखने वाले ई-कॉमर्स पैकेट तैयार करते थे. इसके बाद ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट करता था और अपनी लोकेशन भेजता था, यह गैंग 30 से 45 मिनट में गांजे की डिलवरी पहुंचा देता था. पुलिस ने जाल बिछाकर गेंग के सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ा है.

महंगी और प्रीमियम क्वालिटी गांजे की सप्लाई

ऑनलाइन गांजा तस्करी गैंग का मुख्य सरगना योगेंद्र प्रताप सिंह है, जो कि अपने दो अन्य साथी सूरज और शिवकेश के साथ मिलकर नोएडा में अवैध गांजे का ऑनलाइन कारोबार कर कर रहा था. और नामी डिलवरी कंपनी के रैपर इस्तेमाल कर ये आरोपी पुलिस को चकमा देकर लंबे समय से तस्करी कर रहे थे.

डीसीपी नोएडा, यमुना प्रसाद ने बताया कि बरामद किए गए गांजे महंगी और प्रीमियम क्वालिटी जैसे OG, Mango Kush और Shillong स्ट्रेन का है, जिसकी कीमत सामान्य बाजार से कई गुना अधिक होती है. ये इसी का फायदा उठाकर कॉलेज और कॉरपोरेट ऑफिस के लोगों को ऑनलाइन गांजा बेचते थे.

कैसे तोड़ा पुलिस ने गैंग का नेटवर्क?

डीसीपी ने बताया कि थाना सेक्टर 113 पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 75, सेक्टर 113 और आसपास के क्षेत्रों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नकली ई-कॉमर्स पैकेटों में गांजा सप्लाई किया जा रहा है. पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया. ये लोग ऐप्स और मैसेज के जरिए ऑर्डर लेते थे. तीनों आरोपी के गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है.