पहले एक्सीडेंट, फिर गाड़ी में लगाई आग, जिंदा बची पत्नी तो पानी में डुबोया; कांस्टेबल हत्याकांड की खौफनाक कहानी
उत्तर प्रदेश के रामपुर में महिला सिपाही लता सिंह और उनके 2 साल के बेटे लड्डू की हत्या का दो महीने बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पहले इसे हादसा बताया गया था, लेकिन अब पुलिस ने हत्यारोपी पति दान सिंह को गिरफ्तार करते हुए इस खौफनाक साजिश का खुलासा कर दिया है. आरोपी ने डेढ़ करोड़ के बीमा और सरकारी लाभ के लालच में कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर और फिर क्रूरता से अपनी पत्नी-बेटे की जान ली.
उत्तर प्रदेश के रामपुर में महिला सिपाही लता सिंह हत्याकांड में दो महीने बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. उस समय इस घटना को हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस ने इसे मर्डर केस बताते हुए हत्यारोपी पति को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी पति ने एक प्रोफेशनल किलर के अंदाज में इस वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद वारदात के मोटिव का भी खुलासा कर दिया है. यह वारदात डेढ़ करोड़ के इश्योरेंस क्लेम और सरकारी लाभ लेने के लिए अंजाम दिया गया था.
अब तक महज एक हादसा माने जाने वाला लता सिंह हत्याकांड में हत्यारोपी ने पत्नी के साथ ही अपने दो साल के मासूम बेटे लड्डू को भी मार डाला था. इस खौफनाक हत्याकांड की कहानी दिल दहलाने वाली है. पुलिस के मुताबिक 25 फरवरी को महिला कांस्टेबल लता सिंह अपने पति और दो साल के बेटे लड्डू के साथ कार में सवार होकर नैनीताल से मुरादाबाद आ रहीं थीं. इसी दौरान काशीपुर-खोद मार्ग पर कार में संदिग्ध परिस्थिति में आग लगने से लता सिंह और लड्डू की मौत हो गई थी. जबकि लता सिंह का पति दान सिंह जिंदा बच गया था. पुलिस ने उसके ही बयान पर मामला भी दर्ज किया था.
ऐसे रची खौफनाक साजिश
पुलिस के मुताबिक इस वारदात की साजिश लता सिंह के पति दान सिंह ने ही अपने भाई और दोस्तों के साथ मिलकर रची थी और इनके साथ मिलकर ही इस वारदात को अंजाम दिया है. वारदात के बाद आरोपियों ने बड़ी सफाई के साथ इस वारदात को हादसे का रूप दे दिया था. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके प्लान में पहले गाड़ी का एक्सिडेंट कराकर वारदात को अंजाम देना था. यदि इसमें जिंदा बच जाए तो गाड़ी में आग लगाकर या पानी में डुबोकर मार डालना था. इसके बाद भी जिंदा बच जाने पर हथौड़े से कूचकर पत्नी की हत्या करनी थी. यह सारे प्लान नैनीताल से रामपुर के बीच ही अंजाम देना था.
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
हत्या की योजना बनाने के बाद आरोपी दान सिंह ने पत्नी बेटे को नैनीताल घुमाने ले गया. वापसी उसने पत्नी लता और बेटे को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी. दोनों बेहोश हो गए तो आरोपी रास्ते में कार को डंपर में टकराया. फिर आगे ले जाकर गाड़ी में आग लगा दी. इसमें आरोपी के बेटे की मौत हो गई, लेकिन लता सिंह गाड़ी में से निकलकर भागी और सड़क के किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गई. इससे उनकी जान बच गई. आरोपी ने उन्हें वहीं पानी में डुबोने का प्रयास किया, लेकिन इतने में आसपास के लोग पहुंच गए तो आरोपी अपने साथियों की गाड़ी में लता सिंह को रखकर भाग निकला.
हथौड़े के वार से ली जान
रास्ते में आरोपी ने हथौड़े के वार से अपनी पत्नी की जान ले ली और फिर जोर-जोर से राते हुए अस्पताल पहुंच गया. उस समय पुलिस को भी लगा कि आरोपी वास्तव में विक्टिम है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हथौड़े का वार जाहिर हो गया. इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो इस वारदात का खौफनाक खुलासा हो गया. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पत्नी के नाम डेढ़ करोड़ का एंश्योरेंस कराया था. इसके अलावा पुलिस में होने की वजह से उसकी मौत पर उसे सरकारी लाभ भी मिलना था.
पहली पत्नी की भी हुई थी संदिग्ध मौत
पुलिस की जांच में पता चला कि लता सिंह के साथ आरोपी की दूसरी शादी थी. आरोपी की पहली शादी जिस लड़की से हुई थी, उसकी साल 2015 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी. हालांकि पुलिस की जांच में उस समय कुछ नहीं मिला. अब इस घटना के खुलासे के बाद आशंका है कि 2015 वाला हादसा भी आरोपी की साजिश हो सकती है. पुलिस अब उस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है.