स्कूल में 2 मासूमों से रेप, एक का घोंट दिया था गला; चार साल बाद कोर्ट ने दी दरिंदे को सुनाई ये सजा

शाहजहांपुर में चार साल पहले स्कूल में दो मासूम बच्चियों से रेप और एक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दरिंदे को फांसी की सजा सुनाई है. वारदात के वक्त एक बच्ची की उम्र महज पांच साल थी तो दूसरी भी सात वर्ष की थी. दरिंदे ने इन्हें अगवा किया और खेत में ले जाकर रेप किया था. कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए यह फैसला दिया है.

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में चार साल पहले दो मासूम बच्चियों के साथ रेप और इनमें से एक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दरिंदे को फांसी की सजा सुनाई है. आरोपी ने इन दोनों बच्चियों को स्कूल में से अगवा किया और खेत में ले जाकर इस दरिंदगी को अंजाम दिया था. वारदात के वक्त यह दोनों बच्चियां स्कूल के नल पर नहाने गई थी. वारदात के बाद दरिंदा इन दोनों बच्चियों को मरा हुआ जानकर खेत में ही छोड़ कर फरार हो गया था. वहीं इनकी तलाश करते मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित किया, वहीं दूसरी की गंभीर हालत देखते हुए अस्पताल में भर्ती कर लिया था.

मामले की सुनवाई शाहजहांपुर की जिला अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू की पॉक्सो कोर्ट संख्या 42 में हुई. केस डायरी के मुताबिक वारदात के वक्त पीड़ित बच्चियों की उम्र महज 5 साल और 7 साल थी. सात साल वाली बच्ची की दरिंदे ने रेप के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी थी, जबकि दूसरी बच्ची रेप किए जाने से ही बेहोश हो गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान सभी सबूत आरोपी के खिलाफ पाए गए थे. ऐसे में कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया है.

कांट थाना क्षेत्र का है मामला

केस डायरी के मुताबिक मामला कांट थाना क्षेत्र के एक गांव का है. इस गांव में रहने वाले एक बच्ची के पिता ने पुलिस में शिकायत दी थी. बताया था कि 22 फरवरी 2021 की दोपहर में उनकी बेटी पड़ोस में रहने वाली दूसरी लड़की के साथ पास में स्थित प्राथमिक स्कूल में लगे नल पर नहाने गयी थी. जब काफी देर तक भी वह दोनों वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. काफी तलाश के बाद यह दोनों बच्चियां खेत में लहूलुहान हालत में मिलीं. इन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी अचेत थी. इसलिए उसे इलाज के लिए भर्ती कर लिया था.

चश्मदीद के बयान पर हुई फांसी

पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की. इस दौरान एक चश्मदीद ने आरोपी की पहचान की. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर अदालत में पेश किया. फिर चार्जशीट दाखिल होने के बाद पुलिस ने गवाहों की गवाही और संबंधित सबूत कोर्ट में पेश किए. आरोपी को अपने बचाव में सबूत देने का मौका दिया गया. आखिर में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और अब उसे फांसी पर लटकाने की सजा के साथ अर्थदंड दिया है.

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