उन्नाव जेल अधीक्षक हुए ठगी के शिकार, बेटी के मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर लाखों का फ्रॉड
उन्नाव जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह को अपनी बेटी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के नाम पर ठगी का शिकार होना पड़ा. जस्ट डायल के माध्यम से उनका संपर्क हुआ था, लेकिन बदले में ठगों ने 23 लाख रुपये का चूना लगा दिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उन्नाव जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह को अपनी बेटी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के नाम पर ठगी का शिकार होना पड़ा. जस्ट डायल के माध्यम से उनका संपर्क हुआ था. उन्होंने बैक ड्राफ्ट और आरटीजीएस द्वारा 23 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया, बाद में आरोपी फरार हो गया और कार्यालय बंद मिला. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जिला जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सदर कोतवाली में मामले में मुकदमा दर्ज कराया है. उन्होंने अपनी बेटी की Neet Counciling के द्वारा मेडिकल कालेज में प्रवेश के लिए अभिनव शर्मा से just Dial के माध्यम से सम्पर्क किया. उसने हिन्द मेडिकल कालेज, सफेदाबाद बाराबंकी में दाखिला दिलाने की बात कही थी.
पैसे लेने के बाद मोबाईल ऑफ, ऑफिस भी मिले बंद
जेल अधीक्षक ने FIR में बताया कि उन्होंने भरोसे में आकर हिन्द मेडिकल कालेज के नाम पर 2 बैंक ड्राफ्ट 10-10 लाख के 19 जुलाई 2025 को बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद 24 अक्टूबर 2025 को उनके द्वारा बताये गये कोटक महिन्द्रा बैंक, गोमती नगर के खाता पर शेष राशि आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया था.,
इसके कुछ दिनों बाद जब अभिनव शर्मा से बेटी के मेडिकल कालेज में प्रवेश के लिये सम्पर्क किया गया, तो मोबाईल फोन बंद मिले और उसका कार्यालय जो विजयंत खंड गोमती नगर में है, वो भी बंद मिला. काफी खोजबीन की तो पता चला आरोपी संगठित गिरोह का सदस्य और फ्रॉड किस्म के लोग हैं. उसके खिलाफ कई मुकदमें अलग-अलग जिलों में दर्ज हैं.
just Dial भी अपराध में सहयोगी, मामले में केस दर्ज
जिला जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह लोग (अभिनव शर्मा, संतोष कुमार) सांठगाठ करके संगठित होकर अपना गिरोह बनाये हुए हैं. और अन्य लोगों से भी लाखों रूपये की ठगी बैंकों में फर्जी खाता, फर्जी आफिस खोलकर लोगों के गुमराह करके की गयी है. just Dial पर भी आरोपियों की जानकारी अब हटा दी गयी है.
उन्होंने अपने द्वारा दायर तहरीर में आरोप यह भी आरोप लगाया कि इस घटित अपराध में just Dial की महत्वपूर्ण भूमिका है और अपराध में सहयोगी है. वहीं, सदर कोतवाली थाने में तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 318 (4), 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है.