‘बिस्कुट-टॉफी देकर गलत जगह छूते हैं’, प्रिंसिपल ने बच्चियों के साथ की अश्लील हरकत
वाराणसी में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्राओं से अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगा है. बच्चियों ने बताया कि वह बिस्कुट-टॉफी देकर गलत जगह छूता था और मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाता था. इसको लेकर स्कूल के बाहर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में स्थित सरकारी स्कूल में चौथी और पांचवी कक्षा की छात्राओं के साथ अश्लील हरकत और छेड़खानी का मामला सामने आया है. बच्चियों ने अपने परिजनों को बताया कि प्रिंसिपल उनको अपने चैम्बर में बुलाते थे. बिस्कुट नमकीन देकर गलत जगह छूते हैं. कुल चार पीड़ित बच्चियों ने अपने परिजनों से इसकी शिकायत की.
परिजनों को प्रिंसिपल की करतूत पता चलने के बाद पूरे गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया. आरोपी प्रिंसिपल को मारने के लिए दर्जनों लोगों ने स्कूल को घेर लिया. एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने मौके पर पहुंचकर आरोपी प्रिंसिपल को सुरक्षित बाहर निकाला और शिवपुर थाने पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. वहीं आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड भी कर दिया गया.
आरोपी प्रिंसिपल दो साल बाद होने वाला था रिटायर
यह मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के पिसौर प्राथमिक विद्यालय का है. आरोपी प्रिंसिपल का नाम पद्माकर सिंह बताया जा रहा है. आरोपी की उम्र 58 वर्ष है और वह दो साल बाद रिटायर होने वाला है. पीड़ित बच्चियों का आरोप है कि प्रिंसिपल जबरदस्ती किस करने की कोशिश करता था. अश्लील फ़िल्में दिखाता है, बाथरूम में भी पीछे पीछे चला आता था.
वहीं, चार बच्चियों के परिजनों की तहरीर पर आरोपी प्रिंसिपल के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया. इस पूरे मामले की जांच एसडीएम सदर को दी गई है. जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है. आरोपी प्रिंसिपल को पुलिस स्कूल से शिवपुर थाने ले गई है, जहां उससे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
15 दिन पहले रिलीव, लेकिन स्कूल छोड़ने को तैयार नहीं
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल में कुल 12 महिला और 3 पुरुष टीचर हैं. इसमें से एक महिला और एक पुरुष टीचर का समायोजन दूसरे स्कूल में किया गया था. आरोपी प्रिंसिपिल पद्माकर सिंह को 15 दिन पहले ही रिलीव कर दिया गया था. लेकिन वह यहां से जाना नहीं चाहते थे. वहीं, प्राथमिक स्कूल में ऐसी हकीकत ने अभिभावकों को सदमें में डाल दिया.