‘जालीदार टोपी भी बोलेगी राधे-राधे…’ RSS के मंच से ये क्या बोल गई साध्वी प्राची? गरमाई राजनीति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह में साध्वी प्राची के बयानों ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है. उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर विवादास्पद 'जालीदार टोपी भी राधे-राधे बोलेगी' टिप्पणी की. साथ ही, पश्चिम बंगाल में नई बाबरी मस्जिद और आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग पर भी तीखे बोल बोले, जिसे विपक्षी दलों ने भड़काऊ करार दिया है.

साध्वी प्राची Image Credit:

उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के बड़ौत में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में पहुंचीं साध्वी प्राची ने मंच से एक बयान देकर माहौल गरमा दिया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे दो गुजराती ठान लें तो एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी क्या, उनकी जालीदारी टोपी भी राधे-राधे बोल पड़ेगी. इस मौके पर उन्होंने पश्चिम बंगाल में बन रहे बाबरी मस्जिद को लेकर भी तीखे बयान दिए हैं.

कार्यक्रम के दौरान मंच से साध्वी प्राची के इस संबोधन पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई गरमाहट आ गई है. विपक्ष दलों ने उनके इस बयान की कड़ी निंदा की है. साध्वी प्राची ने अपने संबोधन में कहा था कि जिस दिन दिल्ली में बैठे दो गुजराती ठान लेंगे, उसी दिन ओवैसी की तो छोड़िए, उनकी जालीदार टोपी भी ‘राधे-राधे’ बोलना शुरू कर देगी.

बंगाल में भी हटा देंगे बाबरी मस्जिद

साध्वी प्राची ने पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बनवाए जा रहे बाबरी मस्जिद से जुड़े बयान पर भी पलटवार किया. कहा कि जैसे हमने साढ़े पांच सौ साल पुराना बाबरी ढांचा हटा दिया था, वैसे ही इस बाबरी को भी धीरे से हटा देंगे. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद इस नई बाबरी को भी हटा दिया जाएगा. इसी क्रम में कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि कश्मीरी पंडितों ने घाटी में हथियार उठाया होता तो उन्हें भागना नहीं पड़ता.

RSS पर प्रतिबंध की मांग पर भड़की साध्वी

कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान साध्वी प्राची ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वालों पर जोरदार पलटवार किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की मांग करने वालों का ना तो धर्म एक है और न ही बाप एक हैं. साध्वी प्राची के इन बयानों का विपक्षी दलों ने भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला करार दिया है.