बिहार का साइड इफेक्ट! यूपी में अकेले ही पंचायत चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, हाईकमान का फरमान
दिल्ली में बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 अकेले लड़ने का बड़ा फैसला लिया है. यह कदम INDIA गठबंधन में दरार का संकेत देता है. दरअसल कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. समाजवादी पार्टी भी गठबंधन को बरकरार रखने के लिए औपचारिक उम्मीदवार न उतारने पर विचार कर रही है.
उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर INDIA महागठबंधन में दरार पड़ती नजर आ रही है. कांग्रेस हाईकमान ने फैसला किया है कि वह इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगी. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने यह घोषणा कर दी है. कहा कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ नहीं बल्कि अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी. बिहार चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी यूपी में नए सिरे से रणनीति तैयार करने में जुटी है.
इसी सिलसिले में बुधवार को नई दिल्ली के 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर यूपी कांग्रेस की बैठक हुई, जिसमें पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही यूपी प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद थे. बैठक में यह तय किया गया है कि इस बार यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. अविनाश पांडे ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हमने तय किया है कि 2026 के पंचायत चुनावों में पूरी ताकत के साथ अकेले उतरेंगे.
2027 की तैयारी में कांग्रेस
कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि संगठन पुनर्गठन अभियान के तहत 75 जिलों में 100 दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है, जो ग्रामीण स्तर पर पार्टी की पैठ बढ़ाने पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पंचायत चुनावों के लिए, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए भी जरूरी है. गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया था. कांग्रेस को 17 में से 6 सीटें मिलीं, जबकि सपा ने 37 सीटें जीतीं.
आधिकारिक तौर पर कैंडिडेट नहीं उतारेगी सपा?
इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का खाता 62 से घटकर 33 रह गया, लेकिन कांग्रेस ने इस बार पंचायत चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है. दूसरी ओर सपा भी पंचायत चुनावों में आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार न उतारने की रणनीति पर विचार कर रही है. TV9 डिजिटल से बात करते हुए एक सपा नेता का कहना है, ‘हम 2027 के बड़े मुकाबले के लिए गठजोड़ की गति बिगाड़ना नहीं चाहते… कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकते हैं.
पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. इन चुनावों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होगा. मार्च-अप्रैल 2026 तक चुनाव संपन्न होने की संभावना है. यूपी में 58,000 से अधिक ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं, जहां 8 लाख से ज्यादा पदों पर चुनाव होगा. भाजपा और उसके सहयोगी भी तैयारी में जुटे हैं. अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) ने भी अकेले लड़ने का ऐलान किया है.