पहले नदवी को टिकट, अब BSP से आए ‘सागर’ को रामपुर की कमान; आजम को चिढ़ा तो नहीं रहे अखिलेश?

रामपुर में मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट देने से आजम खान नाराज तो थे ही, अब अखिलेश यादव ने बसपा से आए सुरेंद्र सिंह सागर को रामपुर की कमान सौंप दी है. बताया जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले से आजम खान बहुत नाराज हैं. वहीं यह फैसला पार्टी में उनकी घटती पकड़ की ओर भी इशारा करता है.

आजम खान Image Credit:

बसपा छोड़कर आए पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ना केवल प्रदेश सचिव नियुक्त किया है, बल्कि उन्हें रामपुर की कमान भी सौंप दी है. यह वही रामपुर है, जहां कभी सपा के संस्थापकों में से एक आजम खान की तूती बोलती थी. उनकी मर्जी के बिना यहां पत्ता भी नहीं खड़कता था. हालांकि अखिलेश राज में उनकी ये हनक नहीं रही.

पहले अखिलेश यादव ने उनकी इच्छा के खिलाफ जाकर मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को लोकसभा चुनाव लड़ाया, अब इसी रामपुर की कमान सुरेंद्र सिंह सागर को सौंप दी है. कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव और आजम खान के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. इसलिए बार बार उन्हें दरकिनार किया जा रहा है. कहा तो यह भी जा रहा है कि आखिलेश यादव के इस फैसले से आजम खान काफी नाराज भी हैं, लेकिन जेल में होने की वजह से वह विवश हैं.

आजम को बताया अपना नेता

हालांकि इसी तरह के सवाल पर सुरेंद्र सिंह सागर ने कहा कि आजम खान की जगह कोई नहीं ले सकता. उन्होंने कहा कि उन्हें आजम का आर्शीवाद प्राप्त है. उन्होंने कहा कि आजम उनके नेता हैं और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. उनका कद बहुत बड़ा है और उनसे उनकी तुलना नहीं हो सकती. सुरेंद्र सिंह सागर ने कहा कि पूरी पार्टी उन्हें जेल से छुड़ाने के लिए प्रयास कर रही है. मीडिया से बात करते हुए सपा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंह सागर ने कहा कि दलितों का हित अब सपा में ही सुरक्षित है.

पहले भी हुई उपेक्षा

सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के रहते जिस आजम खान को सेकंड सीएम कहा गया, मुलायम सिंह के निधन के बाद उपेक्षित हो गए. पिछले लोक सभा चुनावों के दौरान उन्होंने मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के टिकट का विरोध किया था. बावजूद इसके, अखिलेश यादव ने उन्हें ना केवल चुनाव लड़ाया, बल्कि जीताकर संसद भी पहुंचाया. कहा जा रहा है कि अब सरेंद्र सिंह सागर को रामपुर की कमान देने से पहले उनकी राय तक नहीं पूछी गई.