बटुकों के अपमान पर बीजेपी में ही रार! डिप्टी CM ने किया सम्मान तो अखिलेश ने कसा तंज

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रयागराज प्रशासन के विवाद और बटुकों के अपमान के मु्द्दे पर बीजेपी में ही रार दिखाई देने लगी है. सीएम योगी ने प्रयागराज प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहराया था. वहीं, इसके उलट डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि बटुकों की शिखा को पकड़ने वालों को महापाप लगेगा.

अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक

प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद हो गया था. एक महीने से भी ज्यादा समय होने के बाद भी यह विवाद थमा नहीं है, बल्कि तूल ही पकड़ते जा रहा है. इस घटना को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों की शिखा को पकड़ना महापाप बताया था तो वहीं, सीएम योगी ने प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहराया था.

अखिलेश यादव ने ली चुटकी

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बयान पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने अपने X अकाउंट पर ट्वीट करते हुए कहा कि ‘भूतपूर्व मुख्यमंत्री को अस्वीकारते हैं, वर्तमान मुख्यमंत्री को नहीं मानते हैं, उप होकर भी अपना राग अलापते हैं, मंत्रालय की ज़िम्मेदारियों से भागते हैं, लगता है वो जानेवाले हैं ये जानते हैं!’. अखिलेश के ट्वीट की भाषा से साफ पता चल रहा है कि वह ब्रजेश पाठक के साथ-साथ सीएम योगी पर निशाना साध रहे हैं.

ब्रजेश पाठक से अलग था सीएम योगी का बयान

शंकराचार्य के साथ हुए विवाद पर सीएम योगी का बयान ब्रजेश पाठक से बिल्कुल विपरीत था. सीएम योगी ने विधानसभा सत्र के दौरान बोलते हुए कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर के जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता. कानून से ऊपर मैं भी नहीं हूं. सबको उन मर्यादाओं का पालन करना होगा.

‘सपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं अधिकारी’

अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज प्रशासन के विवाद पर बीजेपी नेताओं के बीच रार अब खुलकर सामने आ रही है. लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी कहा है कि शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ जो कुछ भी हुआ, इसके लिए अधिकारी दोषी हैं. यह वह अधिकारी हैं जो सपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं. सपा सरकार में भर्ती हुए हैं. इन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का किया सम्मान

बता दें आज यानी 19 फरवरी को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर 101 बटूक पहुंचे थे. इस दौरान डिप्टी सीएम बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाकर उनके शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद भी लिया.

क्या हुआ मौनी अमावस्या के दिन?

मौनी अमावस्या को अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ स्नान करने जा रहे थे. इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद प्रयागराज प्रशासन से हो गया. पुलिस ने उन्हें पालकी से जाने से मना किया. भीलेकिन अविमुक्तेश्वरानंद पालकी से ही जाने के लिए अड़े हुए थे. इस सबके बीच ही पुलिस की अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हो गई. अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों को घसीटते और मारपीट करते हुए पुलिसवालों के वीडियो भी सामने आए थे.