असंतोष की आहट! बृजभूषण राजपूत के घर पर BJP विधायकों का जमावड़ा, सत्र के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

विधानसभा सत्र के पहले दिन विधायक बृजभूषण राजपूत पर सभी की निगाहें टिकी रहीं. परिसर के अंदर भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दलों के कई विधायक भी उनसे मिलने पहुंचे. साथ ही उनके आवास पर भी पार्टी के विधायकों का जमावड़ा नजर आया. ऐसे में सत्ताधारी दल के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

बृजभूषण राजपुत Image Credit:

यूपी विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मची रही. जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़ियों को लेकर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से विवाद के बाद चर्चा में आए चरखारी के भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहे. विधानमंडल परिसर में तो वे भाजपा और विपक्षी विधायकों से घिरे ही रहे. साथ उनके सरकारी आवास पर भी देर रहात तक पार्टी विधायकों का जमावड़ा लगा रहा.

विधानसभा सत्र में पहुंचते ही बृजभूषण राजपूत की ओर सभी की निगाहें टिकी रहीं. भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दलों के कई विधायक उनसे मिलने पहुंचे. सदन में कुछ देर रुकने के बाद जब वे बाहर निकले, तो गलियारों में विधायकों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया. पूरे समय वे विधान भवन परिसर में विधायकों से बातचीत में व्यस्त दिखे. सत्र की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राजपूत अपने डालीबाग स्थित सरकारी आवास लौटे. वहां भी देर रात तक भाजपा विधायकों के वाहनों की कतार लगी रही.

सत्ताधारी दल में असंतोष की झलक

बृजभूषण राजपूत के आवास पर यह जमावड़ा मंत्री से हुए विवाद के बाद पार्टी के भीतरी माहौल को दर्शाता है. विधायक अपनी बात रखने और समर्थन जुटाने में जुटे हैं. जल जीवन मिशन को लेकर बृजभूषण ने मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे. यह विवाद सत्र के पहले दिन चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सत्ताधारी दल में असंतोष की झलक दिखा रही है, जो आगामी चुनावों से पहले महत्वपूर्ण हो सकती है.

समाजवादी पार्टी ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

वहीं, विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा. समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सुबह से ही विधानसभा परिसर में विरोध जताना शुरू कर दिया. भदोही से विधायक जाहिद बेग हाथ में तख्ती लेकर पहुंचे, जिसमें लिखा था कि नाम काटने के लिए फॉर्म 7 लेना बंद करो. संविधान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी. वहीं, एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से पहुंचे और उनके हाथ में पोस्टर था, जो राजमाता अहिल्याबाई का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, मणिकर्णिका, वाराणसी जैसे नारों से भरा था.

विपक्ष के विरोध ने दिन भर की कार्यवाही रही प्रभावित

समाजवादी पार्टी के अन्य विधायक भी सरकार विरोधी तख्तियां लेकर विधानसभा भवन की गेट पर जमा हुए.नारेबाजी करते हुए वे चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास पहुंचे और गुंडाराज खत्म करो, किसान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी जैसे नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए. करीब 20 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के बाद वे सदन में प्रवेश करने लगे, लेकिन प्रवेश द्वार पर भी नारेबाजी जारी रही. ऐसे में जिससे सत्र की शुरुआत में तनाव का माहौल बन गया. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की, लेकिन विपक्ष के विरोध ने दिन भर की कार्यवाही को प्रभावित किया.