फूल-मालाओं से स्वागत, तिलक लगाकर लिया आशीर्वाद….डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने किया 101 बटुकों का सम्मान

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बटुकों की शिखा पकड़ने को महापाप बताते हुए बयान दिया था. अब उन्होंने 101 बटुकों का अपने सरकारी आवास पर सम्मान किया है. इस दौरान उन्होंने बटुकों का स्वागत फूल-माला डालक किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद भी लिया.

डिप्टी सीएम ने ब्राह्मण बटुकों का किया सम्मान

प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद हो गया था. इस घटना के बाद शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे थे. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी बटुकों की शिखा को पकड़ने को महापाप बताया था.

101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर सम्मान किया

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बटुकों की शिखा को पकड़ने को महापाप बताने वाले बयान को राजनीतिक विश्लेषक यूपी सरकार की तरफ से डैमेज कंट्रोल के तौर पर देख रहे हैं. इसी कड़ी में ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान किया.

बटुकों को तिलक लगाकर सम्मान किया

आज 19 फरवरी यानी गुरुवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर 101 बटूक पहुंचे थे. इस दौरान डिप्टी सीएम बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाकर उनके शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद भी लिया.

शंकराचार्य विवाद पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था?

बता दें कि हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों के शिखा का खींचने को महापाप बताया था. उन्होंने कहा था कि ऐसा करना सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था ऐसा करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

प्रशासन और शंकराचार्य के बीच क्या हुआ था

बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ स्नान के लिए जा रहे थे. इस दौरान पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी से जाने से मना करते हुए पैदल जाने को कहा. इसके लिए पुलिस ने भीड़ का हवाला दिया. इस दौरान पुलिस की अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हो गई.

धक्का-मुक्की के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों को घसीटते और मारपीट करते हुए पुलिसवालों के वीडियो भी सामने आए थे. शिष्यों से मारपीट और पालकी रोके जाने से नाराज अविमुक्तेश्वरानंद फिर धरने पर बैठ गए. अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर बटुकों का शिखा खींचने का भी आरोप लगाया था.

सीएम योगी ने क्या कहा था?

सीएम योगी ने इस मामले पर विधानसभा सत्र के दौरान बोलते हुए कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर के जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता. कानून से ऊपर मैं भी नहीं हूं. सबको उन मर्यादाओं का पालन करना होगा.