पूरे गांव को बदमाश नहीं कह सकते… चढ़ावा चोरी पर ऐसा क्यों बोले पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत?

पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने 'सत्ता सम्मेलन' में राम और बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी को शर्मनाक बताया, लेकिन कहा "पूरे गांव को बदमाश नहीं कह सकते." उन्होंने UCC का समर्थन किया, विपक्ष पर संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी की नीयत पर सवाल उठाए. रावत ने Gen-Z प्रदर्शनों को नेतृत्वहीन बताया और पेपर लीक पर सरकार की नीयत साफ होने पर जोर दिया.

सत्ता सम्मेलन में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत Image Credit:

राम मंदिर के बाद बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बेबाक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि चाहें राम मंदिर हो या बदरीनाथ धाम, दोनों मंदिरों में चढ़ावा चोरी की घटना शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर की घटना के बाद यूपी की योगी सरकार ने सख्त एक्शन लिया, एसआईटी बनाई और आज कई लोग जेल में हैं. इसी प्रकार बदरीनाथ धाम में भी उत्तराखंड सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है. चढ़ावा चोरी करने वालों को उनके असली स्थान पर पहुंचा दिया गया है.

उन्होंने इन घटनाओं के बाद भक्तों के भरोसे को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की. कहा कि गांव में यदि कोई बदमाश निकल आए तो पूरे गांव को बदमाश घोषित नहीं किया जा सकता. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आज TV9 भारतवर्ष द्वारा आयोजित सत्ता सम्मेलन कार्यक्रम में थे. उन्होंने इस कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए गए यूनिफार्म सिविल कोड पर भी खुलकर बयान दिया. कहा कि कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि इससे उन्हें क्या मिला. ऐसे लोगों को अपनी सोच का दायरा बढ़ाना होगा.

विपक्ष ने बर्बाद किया संसद का समय

पूर्व सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी किसी भी मुद्दे पर चर्चा से इनकार नहीं किया, लेकिन विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस का रूख गैर जिम्मेदाराना रहा. ये हर बार कुछ नए मुद्दे जोड़ देते थे. ऐसा तो नहीं होता. उन्होंने कहा कि ऐसा करके विपक्ष ने निश्चित रूप से संसद का समय जाया किया है और इससे देश का पैसा बर्बाद हुआ है. उन्होंने दिल्ली में Gen-Z के प्रदर्शन को लेकर कहा कि उसमें नेतृत्व हीनता थी. जिस पार्टी ने इस प्रदर्शन में चेहरा बनने की कोशिश की, उन्हें Gen-Z ने स्वीकार नहीं किया.

राहुल गांधी की नीयत पर उठाया सवाल

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को विपक्ष ने इनकैश करने की कोशिश की, लेकिन इसमें वो सफल नहीं हुए. उन्होंने माना कि इस आंदोलन में कुछ ऐसे एलिमेंट शामिल थे, जो इस प्रदर्शन को हिंसक बनाना चाह रहे था. जांच में इस तरह की चीजें सामने आ रही हैं. इस मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने दिल्ली और झारखंड में Gen-Z के प्रदर्शन की तुलना की. कहा कि दिल्ली में राहुल भी रहे और अखिलेश भी. ये लोग झारखंड क्यों नहीं गए. वो इसलिए कि वहां ये सत्ता में शामिल हैं. दिल्ली में तो राहुल ने छात्रों से बात करने की कोशिश की, लेकिन इन्हें स्वीकार नहीं किया गया, जबकि झारखंड में तो उन्होंने कोई कोशिश ही नहीं की.

लक्ष्यविहीन रहा प्रदर्शन

दिल्ली या झारखंड में Gen-Z के प्रदर्शन पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ऐसे मूवमेंट में कभी परिणति तक नहीं पहुंच सकते. यह प्रदर्शन नेतृत्व विहीन था और सभी नेता थे. काकरोच जनता पार्टी के काम का तरीका साकारात्मक नहीं रहा. जहां तक पेपरलीक की बात है, केंद्र सरकार ने कमेटी बना दी है. यह कमेटी ऐसे प्रावधान कर ही है कि भविष्य में फिर कभी ऐसा ना हो, लेकिन संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं. सरकार की नीयत साफ होनी चाहिए. जो लोग गड़बड़ कर रहे हैं, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए.

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