‘समय बिताने के लिए करना है कुछ काम’, योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट विस्तार पर तंज कसते हुए बीजेपी के मुख्यमंत्रियों को 'कूरियर-मैसेंजर' करार दिया. उन्होंने कहा कि विस्तार में सीएम का काम नहीं, पर्ची आती है और पढ़ी जाती है. अखिलेश ने सत्ता के लालच और लोभ पर भी सवाल उठाए और 'कर्मफल' सिद्धांत का जिक्र किया.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को योगी कैबिनेट विस्तार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तंज सकते हुए कहा कि वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम नहीं है, उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ़ पढ़ी जाएगी. बीजेपी राज में वैसे भी मुख्यमंत्री का मतलब बस ‘कूरियर-मैसेंजर’ (Courier-Messenger) रह गया है.
योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में 6 नए चेहरों को शामिल किया गया है जबकि दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन मिला है. वहीं, इसपर अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी यूपी की राजनीति में गर्माहट ला रही है. उन्होंने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया “एक्स’ पोस्ट में कैबिनेट विस्तार पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि, ‘समय बिताने के लिए करना है कुछ काम.’
‘व्यक्ति नहीं उसका ‘लालच-लोभ’ ही बुरा होता है’
अखिलेश यादव ने सत्ता के लालच और लोभ पर भी सवाल उठाए और ‘कर्मफल’ सिद्धांत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वैसे जनता पूछ रही है कि फ़िल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर? जनता का अनुरोध है कि फ़िल्म ध्यान से देखिएगा. हो सकता है ‘कर्मफल-कंसफल’ का सिद्धांत समझकर कुछ जागरण और कुछ अच्छा बदलाव भी हो जाए.
उन्होंने कहा कि हम तो यही मानते हैं कि मूल रूप से व्यक्ति नहीं उसका ‘लालच-लोभ’ ही बुरा होता है, जो धीरे-धीरे उसका दुराचरण बन जाता है. बुराई इंसान को और बुरा बनाती जाती है. इसके विपरीत ये भी सच है कि जब व्यक्ति ‘स्वार्थ’ को छोड़कर ‘परमार्थ’ के मार्ग पर चल निकलता है तो सकारात्मक परिवर्तन और मानवता के लिए सार्थक हो सकता है.
अखिलेश ने बताया महाकाव्यों का आंतरिक संदेश
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अपने अंदर की सौ बुराइयों के ऊपर चंद अच्छाइयां जीत हासिल कर सकती हैं, यही महाकाव्यों का गहरा आंतरिक संदेश है. अपनी गलतियों और दुर्भावनाओं के लिए प्रायश्चित करने का कोई स्थान नियत नहीं होता है, इसके लिए अंदर का प्रकाश चाहिए जो सैकड़ों लोगों के बीच ‘अंधेरे बंद परिसर’ में भी हो सकता है.
योगी सरकार में भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. जबकि कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्यमंत्री की शपथ ली. वहीं, वहीं, इनके अलावा दो राज्य मंत्रियों अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र सिंह तोमर को राज्य मंत्री से प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है.