लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के ARTO सस्पेंड, ओवरलोड ट्रकों से वसूली मामले में हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने ओवरलोड ट्रकों से वसूली मामले पर बड़ी कार्रवाई की है. लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के तीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO प्रवर्तन) को निलंबित कर दिया गया है.

ओवरलोडेड ट्रक ( फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर उन्हें पास कराने के सिंडिकेट मामले में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के तीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO प्रवर्तन) को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित अधिकारियों में लखनऊ के राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के अंबुज और फतेहपुर की पुष्पांजलि मित्रा शामिल हैं. इन सभी को मुख्यालय से संबद्ध करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

जांच की जिम्मेदारी झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई है.यह कार्रवाई बीते नवंबर महीने में यूपी एसटीएफ द्वारा मौरंग, गिट्टी और बालू लदे ओवरलोड ट्रकों से रिश्वत लेकर पास कराने वाले संगठित गिरोह के भंडाफोड़ के बाद हुई है. एसटीएफ ने लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें कुल 25 लोग नामजद किए गए थे. इनमें ये तीनों ARTO के अलावा PTO अखिलेश चतुर्वेदी, रेहाना बानो और दलाल विनोद आदि शामिल थे.

ये मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजद अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यालय आना बंद कर दिया था. करीब 48 दिन बाद परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह के आदेश पर ये निलंबन हुए हैं.

लखनऊ के ARTO राजीव कुमार बंसल एफआईआर के बाद से गायब हैं. उनका मोबाइल बंद है और वे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर छुट्टी पर बताए जा रहे हैं. अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जो कोर्ट से खारिज हो गया.परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने एसटीएफ जांच के आधार पर 29 नवंबर को ही लखनऊ के PTO मनोज कुमार, रायबरेली की PTO रेहाना बानो और फतेहपुर के PTO अखिलेश चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया था.

लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के इंद्रजीत सिंह, रणजीत कुमार, प्रदीप सिंह और रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद भी पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं.यह मामला पूरे प्रदेश में ओवरलोड वाहनों से करोड़ों की अवैध वसूली के बड़े नेटवर्क से जुड़ा है. एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि दलालों और अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रकों को बिना चेकिंग के पास कराया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था.

Latest Stories

बेटों ने ही दी थी पिता की सुपारी, रिटायर्ड एयर फोर्स कर्मी का कातिल निकला पड़ोसी, पहले भी कर चुका है 8 मर्डर

‘कूदकर जान दे दूंगी’… बॉयफ्रेंड से शादी कराने की जिद, प्रयागराज में 175 फीट ऊंचे हाई-टेंशन टावर पर चढ़ गई लड़की

BJP पार्षद के बेटे ने दरोगा को तड़ातड़ जड़े थप्पड़, अपने दोस्तों से भी पिटवाया, भागकर बचानी पड़ी जान

रायबरेली में 9 करोड़ का लोन फ्रॉड, 48 लोगों पर FIR, फेक डॉक्यूमेंट्स के सहारे कर दिया खेल

यूपी में नए साल पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 21 IAS का तबादला, नेहा शर्मा बनीं स्थायी IG निबंधन

‘थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू’… CM ने दबंगों से खाली कराया मकान, खुशी से छलक पड़े मेजर की बीमार बेटी के आंसू