चाय वाले का काल बना स्मार्ट मीटर, 1.25 लाख का बिल देखते ही आया हार्ट अटैक; लोगों ने काटा बवाल
उत्तर प्रदेश के इटावा में स्मार्ट मीटर से 1.25 लाख का भारी बिल आने के बाद एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई. परिजनों ने इसे लेकर बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. मृतक शिवपाल ने कई बार बिल ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. इस घटना ने स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उत्तर प्रदेश में लग रहे स्मार्ट मीटर के विवाद के बीच अब मौत के मामले भी सामने आने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला इटावा के भरथना क्षेत्र में सामने आया है. यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद आए भारी भरकम बिल को देखकर एक अधेड़ को हार्ट अटैक आ गया. इससे उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान महावीर नगर निवासी 50 वर्षीय शिवपाल के रूप में हुई है. घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को बिजली निगम के कार्यालय ले जाकर जमकर हंगामा किया. इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिजली विभाग के कर्मचारी दफ्तर में ताला डालकर निकल गए. सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को किसी तरह संभाला. शिवपाल की बेटी ने बताया कि उसके पिता चाय की दुकान से परिवार पाल रहे थे. पहले उनके यहां पोस्टपेड मीटर लगा था, जिसमें हर महीने 1200 से 1500 रुपये का बिल आता था.
अफसरों ने नहीं की सुनवाई
अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक ही बार में छह महीने का करीब 1 लाख 25 हजार रुपये का बिल आ गया. परिजनों के मुताबिक शिवपाल ने बिल को ठीक कराने के लिए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. इससे वह काफी तनाव में आ गए थे. देखते ही वह अवसाद में चले गए और अब उन्हें हार्ट अटैक आ गया. परिजनों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदार बताया.
अब विभाग ने मानी गड़बड़ी
बिजली विभाग के एसडीओ दिलीप साहू के मुताबिक स्मार्ट मीटर में 1 लाख 25 हजार रुपये का बिल दिख रहा है. यह स्थिति किसी तकनीकी दिक्कत की वजह से हो सकती है. हो सकता है कि मीटर में कोई खराबी हो. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई. इसके बाद परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कराया.